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यूटीलिटी कोर्ट

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चार दिन से ट्विन सिटी के एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में कोई सुधार नहीं हो रहा। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। निरंतर कूड़े में आग लगाई जा रही है। कूड़े का जहरीला धुआं पूरे पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। वीरवार को इस मामले में डीसी को पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में जवाब दाखिल करना है। बार एसोसिएशन के प्रेजिडेंट एडवोकेट रोहित जैन समेत 15 वकीलों ने मामले को कोर्ट में चुनौती दे रखी है। उधर कूड़े में आग की घटनाओं को लेकर अफसर हरकत में दिख रहे हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मोबाइल एप के साथ वाट्सएप नंबर भी जारी करने का निर्णय लिया गया। इस पर शिकायत आने के तुरंत बाद कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।
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सिर्फ 9 को स्थिति में दिखा सुधार
पिछले पांच दिन में एक्यूआई में सिर्फ एक दिन ही सुधार दिखा। 9 अक्टूूबर को ट्विन सिटी का एक्यूआई 106 रहा था। इसके बाद 10 को फिर बढ़ गया। तब एक्यूआई 282 दर्ज किया गया। इसके बाद यह 11 को बढ़कर 298 हो गया। फिर 12 को यह बढ़कर 332 तक पहुंच गया। बुधवार को इसमें थोड़ा सा सुधार दिखा। 13 को एक्यूआई 298 दर्ज किया गया। यानि यूटीलिटी कोर्ट में केस दायर होने के बावजूद प्रशासन की ओर से एक्यूआई को बेहतर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। नगर निगम व नपा की ओर से भी न तो कूड़े को आग लगाने के मामले में कोई कदम उठाया गया। न ही एक्यूआई में सुधार के लिए कोई व्यवस्था की गई।
निगम और बोर्ड अफसरों को भी देना होगा जवाब
कूड़े में आग लगाए जाने की वजह से बिगड़ते पर्यावरण को लेकर परिवादियों की ओर से दायर याचिका में सीधे तौर पर निगम व नपा के साथ हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया था। वकीलों का यह भी आरोप है कि निगम के कर्मचारी ही कूड़े को उठाने की बजाय उसमें आग लगाकर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। वीरवार को मामले में यूटीलिटी कोर्ट में सुनवाई है। याचिका पर कोर्ट की ओर से नगर निगम व नपा के साथ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को भी पार्टी बनाया है। इसलिए तीनों विभागों को आज इस पर जवाब दाखिल करना होगा।
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आग लगाने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई: सहारण
नगर निगम के ईओ विनोद सहारण ने बताया कि कूड़े में आग लगाने की घटनाएं रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि अगर कोई कूड़े में आग लगाते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऑफिस के बाहर से डस्टबिन उठवा दिया गया है। इसमें अकसर धुआं उठता रहता था। उन्होंने बताया कि कूड़े से पर्यावरण प्रदूषित न हो इसके लिए भी कई स्तर पर काम किया जा रहा है।
डोर टू डोर पर 19, सफाई पर 20 करोड़ खर्चा
नगर निगम की ओर से ट्विन सिटी में डोर टू डोर कूड़ा उठान का ठेका ही सालाना 19 करोड़ रुपये का है। इतना ही नहीं वार्ड में सफाई के लिए एक हजार से ज्यादा सफाई कर्मचारियों की फौज अलग से है। इन सभी के वेतन पर सालाना करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इस तरह सफाई व्यवस्था के नाम पर ही सरकारी खजाना पूरी तरह से लूट रहा है लेकिन सफाई का फिर भी जनाजा निकला हुआ है। इतने सब के बावजूद कूड़े को आग के हवाले कर दिया जाता है। हैरत की बात है कि सफाई पर भारी भरकम रकम खर्च करने के बावजूद गंभीर होती समस्या के निस्तारण को लेकर अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
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