मुलाना। मुलाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पीलिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। पीलिया के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी है।
मुलाना के साथ ही लगते देहात में भी पीलिया के मरीज सामने आ रहे है। पीलिया की चपेट में आए अधिकतर बच्चे है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी की जांच होगी। पानी में क्लोरीन की मात्रा भी बढ़ाई जाएगी। मुलाना में पीलिया फैलने के कारणों का स्पष्ट तौर पर पता नही चल पा रहा है।
कई स्थानीय लोग इस के पीछे घरों में आपूर्ति होने वाले पानी को मान रहे है। वही ग्राम पंचायत का इस बारे कहना है कि विभाग की ओर से पानी की जांच करा ली गई हैं और पानी में किसी भी तरह की कोई कमी नही पाई गई।
पहला मामला
मुलाना के रहने वाले सूरज वर्मा ने बताया कि उन का 16 वर्षीय बेटा अनुराग वर्मा और पत्नी अंजू वर्मा पीलिया से पीड़ित है। उन के बेटे को 15 दिन से बुखार था। एक सप्ताह पहले टेस्ट कराया तो उसमें पीलिया की पुष्टि हुई। वहीं उन्होंने कहा कि पत्नी अंजू वर्मा का तीन दिन पहले टेस्ट कराया उन में भी पीलिया की पुष्टि हुई। वह पिछले 10 दिनों से पानी को उबाल कर पी रहे है।
दूसरा मामला
हरमिलाप मंदिर चौक के पास रहने वाले एक ही परिवार के तीन बच्चे जिन में 17 वर्षीय धनंजय, 15 वर्षीय मुकल, 11 वर्षीय इशांत पीलिया की चपेट से गुजर रहे है कई दिन निजी अस्पताल में उपचार कराने के बाद अब उन की हालत में कुछ सुधार है।
तीसरा मामला
हरमिलाप मंदिर चौक के रहने वाले सोनू ने बताया कि उनकी 12 साल की बेटी मानसी भी पीलिया से ग्रस्त है और वह स्थानीय डॉक्टर से उपचार करा रहे है। उन्होंने बताया कि पांच दिन पहले बेटी मानसी को बुखार हुआ था, जिसके बाद उसके पैरों में दर्द, उल्टियां और डाइजेशन सिस्टम खराब रहने लगा। ग्रामीणों ने इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने की स्वास्थ्य विभाग से मांग की है।
एहतियात बरतने की जरूरत : डाॅ. कुलदीप
एएसएमओ डाॅ. कुलदीप सिंह ने बताया कि पीलिया के कुछ एक केस ओपीडी में आए थे। उनकी हालात ठीक थी, लेकिन एहतियात के तौर पर हमने सरकारी ट्यूबवेलों पर क्लोरीन की मात्रा भी जांची है। पीलिया बाहरी खाना जैसे जंक फूड और बासी खाना खाने से भी हो सकता है। इसलिए एहतियात जरूर बरतें। वहीं दूसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग एसडीओ बलविंद्र सिंह ने बताया कि समय-समय पर पानी की जांच कराई जाती है। दोबारा जांच कराई जाएगी। पानी में क्लोरीन की मात्रा बढ़ाई जाएगी।
क्लोरीन की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी