जनस्वास्थ्य विभाग दूषित जलापूर्ति की शिकायतों के बाद पाइपलाइनों को दुरुस्त करने में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। उगाला में पीलिया के बढ़ते मामलों पर प्रशासन अब सक्रिय नजर आ रहा है। एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग दूषित जलापूर्ति की शिकायतों के बाद पाइपलाइनों को दुरुस्त करने में जुटा रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के नेतृत्व में मेडिकल टीमों ने प्रभावित मोहल्लों का दौरा किया। टीम ने न केवल मरीजों को दवाइयां वितरित कीं, बल्कि संदिग्ध लक्षण वाले लोगों के सैंपल भी लिए। विभाग के अनुसार, लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट का अभी इंतजार है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पानी में क्लोरीनेशन की मात्रा बढ़ा दी गई है।
आईसीयू में भर्ती सहजप्रीत की हालत में सुधार
गांव के लिए राहत की खबर यह है कि पीलिया से गंभीर रूप से पीड़ित किशोरी सहजप्रीत, जो आईसीयू में उपचाराधीन थी, उसकी स्थिति में अब सुधार है। समाजसेवी चौधरी राकेश भल्ला और केशव बत्रा ने बताया कि चिकित्सकों ने उसकी हालत को स्थिर बताया है। हालांकि, गंभीर मरीजों के परिजनों में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है और वे बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
पाइपलाइनों की मरम्मत की मांग
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सुभाष चंद्र ने बताया कि कर्मचारी प्रभावित गलियों में पाइपलाइन की गहनता से जांच कर रहे हैं। यदि कहीं लीकेज या तकनीकी खामी मिलती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि जलापूर्ति सुरक्षित है, फिर भी निरंतर निगरानी रखी जा रही है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को केवल खानापूर्ति के बजाय पाइपलाइनों को बदलने जैसा स्थायी कदम उठाना चाहिए ताकि भविष्य में महामारी जैसे हालात दोबारा पैदा न हों।