अंबाला सिटी। सिटी नागरिक अस्पताल में खुला जन औषधि केंद्र दो सप्ताह बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। नागरिक अस्पताल के पास जन औषधि केंद्र चलाने के लिए पर्याप्त संख्या में फार्मासिस्ट ही नहीं है। ऐसे में जन औषधि केंद्र की सुविधा अस्पताल प्रबंधन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। यहां पर सिर्फ बैनर और पोस्टर लगाकर छोड़ दिया गया है।
नागरिक अस्पताल में तीन ही फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं दे रहें हैं। जबकि अस्पताल में 16 फार्मासिस्ट की स्वीकृति है। ऐसे में अब जन औषधि केंद्र शुरू करने के लिए फार्मासिस्ट का इंतजाम कैसे होगा। इधर अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में तो जन औषधि केंद्र बनाने के लिए जगह ही नहीं मिली है। विभाग के लिए दोनों ही जगह जन औषधि केंद्र बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
दवाएं भी नहीं पहुंची
सिटी के जन औषधि केंद्र के लिए अभी तक दवाएं भी नहीं पहुंची हैं। जबकि विभाग की ओर से पांच लाख रुपए की दवाओं का ऑर्डर दिया गया है। केंद्र पर मरीजाें को बाजार से मिलने वाली महंगे दामों की दवाइयां भी सस्ते दामों पर मिल जाएंगी। नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में कई मरीजों को चिकित्सक बाहर की दवाएं लिखते हैं। इसलिए यह केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।
दवा वितरण भी होता है प्रभावित
फार्मासिस्ट के अभाव में दवा केंद्र पर भी समय अधिक लगता है। तीन फार्मासिस्ट में से एक ही दवा केंद्र पर तैनात रहता है। जबकि अन्य दो दवा के स्टोर का कार्य संभालते हैं और दवा लाने ले जाने के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में दवा वितरण के लिए नर्सिंग छात्राओं का ही सहारा लेना पड़ता है। जिस कारण दवा लेने के लिए मरीजों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है।
वर्जन
जन औषधि केंद्र शुरू करने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। कर्मचारियों के लिए भी कहा गया है। निर्देशों के अनुसार ही काम किया जाएंगे।
डॉ़ पूनम चौधरी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।