अंबाला। अंबाला जिले के छोटे से गांव धीन के बेटे सरबजोत सिंह को देश के प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें 17 जनवरी को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से प्रदान किया जाएगा। इसकी खबर मिलते ही सरबजोत के परिवार, गांव और पूरे अंबाला जिले में खुशी की लहर है। सरबजोत सिंह ने इससे पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था।
गांव का बेटा बना राष्ट्रीय प्रेरणा :
सरबजोत सिंह एक किसान परिवार से हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे अंबाला और हरियाणा का नाम ऊंचा किया है। गांव के लोग सरबजोत को गर्व से अपना नायक मानते हैं। सरबजोत के पिता जितेंद्र सिंह ने कहा, हमारे लिए यह बेहद गर्व का पल है। आज मुझे लोग मेरे बेटे के नाम से पहचानते हैं। अर्जुन अवार्ड मिलना उसके कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। यह सम्मान उसे और ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगा।
पेरिस ओलंपिक में कोरिया की टीम को दी थी शिकस्त
पिछले साल 30 जुलाई 2024 को पेरिस ओलंपिक में सरबजोत सिंह ने मनु भाकर के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने कोरिया की मजबूत टीम को हराकर कांस्य पदक भारत के नाम किया।
ये है उपलब्धियां
सरबजोत सिंह ने 2017 से शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया और तब से उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 9 गोल्ड मेडल सहित कुल 27 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडल अपने नाम किए हैं। इनमें तीन जूनियर विश्वकप, तीन सीनियर विश्वकप और कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल शामिल हैं।
गांव में जश्न का माहौल :
सरबजोत सिंह के अर्जुन अवार्ड से सम्मानित होने की खबर से गांव धीन में जश्न का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे पूरे गांव के लिए गर्व का पल बताया। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सरबजोत ने यह साबित कर दिया है कि एक छोटे से गांव से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।