बराड़ा। बुधवार शाम को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों की धड़कने बढ़ गई हैं। किसानों के अरमानों पर ओले पड़ गए हैं तो बारिश कहर बनकर टूटी है। बारिश व ओलों से सरसों और गेंहू की फसल चौपट हो गई है। साथ ही आलू के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में होली, नहौनी कालपी, मुलाना, गोकलगढ़, उपलाना, रामगढ़, डुलियाना व डुलियानी सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि हुई है।
किसान रामसिंह, सुभाष, रमेश व जयकुमार का कहना है कि इस बार महीने भर में 10 से 12 दिन के अंतराल में यह तीसरी बरसात हो चुकी है। जो थोड़ी बहुत कसर बाकी थी, वह बुधवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने पूरी कर दी है। उन्होंने बताया कि पहली बरसात का पानी खेतों से सूखा नहीं था कि अगली बरसात का पानी खेतों में भर गया है। इस बरसात ने सभी फसलों को बर्बाद कर दिया है। यदि मौसम ऐसा ही चलता रहा तो किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा।
क्षेत्र में हल्की ओलावृष्टि हुई है। जो सभी फसलों के लिए नुकसानदेह है। यह आलू, गोभी, टमाटर जैसी सब्जियों के लिए बहुत नुकसानदायक है।
-ललित शर्मा, बीटीएम कृषि विभाग, बराड़ा।