संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में नियमों को ठेंगा दिखाकर स्क्रैप बाहर निकालने का मामला सामने आया है।
बिना बोली के अस्पताल के कर्मचारियों ने बेसमेंट से टूटी हुई व्हीलचेयर, पंखे व खराब फैंसी लाइटों को स्क्रैप के रूप में कबाड़ी की गाड़ी में लोड करवा दिया, जैसे ही गाड़ी में लोड करते हुए की फोटो कैमरे में कैद हुई तो चंद ही मिनटों में निजी कर्मी सामान लेकर चले गए। देखते ही देखते अस्पताल में हलचल मच गई। मामला पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल के संज्ञान में पहुंचा तो तुरंत कबाड़ की गाड़ी को वापस बुलाया गया, ऐसे मेंं सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर लोहे का स्क्रैप किसकी अनुमति से बाहर निकाला जा रहा था और कहां बेचना था। स्क्रैप बेचने के लिए सरकारी नियमों का पालन किया गया या नहीं।
अस्पताल के तीसरे गेट से भरवाई जा रही थी गाड़ी : स्क्रैप लोड करने के लिए महिंद्रा पिकअप गाड़ी को अस्पताल के तीसरे गेट के पास खड़ा किया गया था। एचआर 37 सी-9129 नंबर की इस गाड़ी में स्क्रैप को लोड किया जा रहा था। जब स्क्रैप लोड करने वाले निजी कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बेचने के लिए ले जाया जा रहा है, जबकि स्क्रैप लोड कराने वाले कर्मचारियों का कहना था कि अस्पताल प्रबंधन की अनुमति से यह स्क्रैप बेचा जा रहा है। अस्पताल का यह तीसरा गेट अंबाला-दिल्ली हाईवे पर ही बस स्टॉपेज के पास है, जहां से चौपहिया वाहन गुजरते हैं, जबकि इस गेट से स्टाफ की आवाजाही भी कम रहती है, हालांकि अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि गाड़ियों को मंगवा लिया गया है।
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की बेसमेंट में से टूटी व्हीलचेयर को उठाए निजी कर्मचारी: संवाद
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की बेसमेंट में से टूटी व्हीलचेयर को उठाए निजी कर्मचारी: संवाद
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की बेसमेंट में से टूटी व्हीलचेयर को उठाए निजी कर्मचारी: संवाद
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की बेसमेंट में से टूटी व्हीलचेयर को उठाए निजी कर्मचारी: संवाद
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की बेसमेंट में से टूटी व्हीलचेयर को उठाए निजी कर्मचारी: संवाद