23 वर्षीय युवक से ग्रीस भेजने के नाम पर आठ लाख 50 हजार रुपये हड़प लिए। एजेंट ने धोखे से युवक को ग्रीस की जगह तुर्की भेजा दिया। यहां युवक को पांच महीने तक बंधक बनाकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। वहां रह रहे एक भारतीय की मदद से वह इंडिया वापस आया। युवक के पिता ने प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज के समक्ष आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।
अंबाला के गांव साहा माजरी निवासी रोशन लाल ने बताया कि उसके बेटे सूरज को यमुनानगर निवासी रामबुल और उसकी पत्नी ने बातों फंसाकर अमीर बनने का सपना दिखाया। आरोपियों ने उसे ग्रीस भेजने की बात कही। सूरज का वीजा लगवाकर आठ लाख 50 हजार रुपये लिए। उन्होंने साउथ कोरिया में रह रहे अपने दोस्त विजय कुमार व उसकी पत्नी वासी गांव इंद्री जिला करनाल से उनकी बात करवाई। रोशन लाल ने बताया कि रामबुल और उसकी पत्नी ने कहा था कि वे उसके बेटे को ग्रीस भेज देंगे, लेकिन उन्होंने सूरज को धोखे से तुर्की भेज दिया। यहां से सूरज को विजय कुमार डौंकी के रास्ते ग्रीस ले जाना चाहता था, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। आरोप लगाया कि यहां सूरज को पांच महीने तक बंधक बनाकर रखा। वहां न भरपेट खाना दिया और न मजदूरी। देर रात तक काम करवाते रहे।
भारतीय से किया संपर्क
शिकायतकर्ता ने बताया कि सूरज को वापस भारत लाने के लिए उन्होंने तुर्की में रह रहे एक भारतीय से संपर्क किया। उसकी मदद से उसके बेटे को आरोपियों की चंगुल से बाहर निकाला। इसमें उनके डेढ़ लाख रुपये खर्च हो गए। उन्होंने बताया कि जब उसने आरोपी रामबुल से बात की तो उसने अपनी साली मंजू से मुलाकात कराई जो पेशे से वकील है। इस दौरान मंजू ने उल्टा केस में फसाने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रामबुल और विजय कुमार के खिलाफ धारा विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।