अंबाला सिटी। साइबर अपराधियों ने आरटीओ अधिकारी बनकर एक मस्जिद के इमाम को अपने जाल में फंसाया और उनके दो बैंक खातों से 1,95,450 उड़ा लिए। कमल विहार, घेल रोड के रहने वाले मोहम्मद जावेद आसम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह स्थानीय उमर मस्जिद में इमाम के पद पर कार्यरत हैं। बीते 28 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से उनकी कार के ऑनलाइन चालान का मैसेज आया। इसके बाद ठगों ने व्हाट्सएप चैट के जरिए उनकी पर्सनल डिटेल मांगी, लेकिन इमाम ने कोई जानकारी साझा नहीं की।
5 रुपये के भुगतान का लालच देकर कराया डाउनलोड
ठगों ने चालान न भुगतने पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। पीड़ित के पास एक अन्य नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉलर ने खुद को आरटीओ ऑफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि आपकी कार का चालान बकाया है। ठग ने झांसा दिया कि यदि वह उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर जाकर मात्र 5 रुपये का भुगतान कर देंगे, तो चालान सिस्टम से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनके फोन में एक संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। इससे उनका फोन हैक हो गया।
बॉक्स
एक्सिस और एसबीआई बैंक खातों में लगाई सेंध
फोन हैक करने के बाद ठगों ने पीड़ित के दो अलग-अलग बैंक खातों को निशाना बनाया। 2 जनवरी 2026 को एक्सिस बैंक के खाते से 72,969.07 और एसबीआई खाते से चार बार में 6,900, 48,550, 50,000 और 20,000 यानी कुल 1,25,450 उड़ा लिए। हालांकि, साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एक्सिस बैंक से 2969.07 वापस आ गए, लेकिन बाकी की रकम ठग डकार गए।
इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
साइबर क्राइम थाना अंबाला के सहायक उप-निरीक्षक महताब सिंह ने बताया कि पीड़ित ने पहले नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। अब शिकायतकर्ता के बयानों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत विश्वासघात की धारा 316(2), धोखाधड़ी 318(4) और संगठति अपराध की धारा 111(2)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस टीम बैंक खातों और कॉल डिटेल के जरिए आरोपियों को ट्रैक करने में जुट गई है। संवाद