अंबाला सिटी। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय ने विभाग अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर जिले में कहीं गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चलता पाया गया तो क्लस्टर मुखिया पर कार्रवाई होगी।
शुक्रवार को डीजीईई एवं डीएसई के नेतृत्व में प्रवेश उत्सव की समीक्षा के लिए वीडियो कांफ्रेंस आयोजित की गई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकरी सुधीर कालड़ा ने बताया कि जिले में क्लस्टर स्तर पर सीआरसी को इस प्रकार के संस्थानों की पहचान करने के लिए निर्देश दिए गए हैं, यदि किसी क्लस्टर में ऐसा संस्थान टीचिंग शॉप चलाता पाया गया तो क्लस्टर प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।
निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी सूची तैयार करें, जिसमें ऐसे एनजीओ संचालित यूनिट्स, टीचिंग शॉप्स, प्ले स्कूल और गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल सम्मिलित हों। इसके लिए आरटीई एक्ट के अनुसार की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए।
बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर की जाए कार्रवाई
वीडियो कांफ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश के कुछ जिलों में कुछ विद्यालय बिना मान्यता प्राप्त संचालित हैं, जोकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत धारा 18 का स्पष्ट उल्लंघन है। यही नहीं उच्च अधिकारियों ने कहा कि यह भी संज्ञान में आया है कि कुछ शहरी क्षेत्रों में प्ले स्कूल के नाम पर ऐसे संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें कक्षा पहली से 5 तक के विद्यार्थी नामांकित हैं। यह भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है।
कुछ गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) व फाउंडेशन रेमिडियल कक्षा के नाम पर नियमित विद्यालयी समय में पूर्णकालिक विद्यालय संचालित कर रहे हैं, जोकि पूर्णतः अवैध है। केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों को ही नियमित स्कूली शिक्षा देने की अनुमति है।
विभाग के संज्ञान में यह भी आया है कि सरकारी स्कूल भवनों में कुछ गैर शैक्षणिक संस्थान एवं एनजीओ की ओर से भी कार्य किये जा रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है।
स्थाई मान्यता से ऊपर चल रहे स्कूलों पर शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। स्थाई मान्यता से ऊपर की कक्षा लगाने और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे निजी स्कूलों को विभाग ने जिला शिक्षा सदन में 28 अप्रैल को दोपहर दो बजे तलब कर रिपोर्ट मांगी हैं।
विभाग को इन स्कूलों को बंद करने की रिपोर्ट निदेशालय को देनी हैं। निदेशालय के पत्र के अनुसार अगर किसी स्कूल को बंद करने में जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को कोई समस्या आएगी तो वह डीसी और पुलिस अधीक्षक की सहायता ले सकेंगे।
वहीं, बीते दिनों जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले में स्थाई मान्यता से ऊपर की कक्षाएं लगा रहे 17 निजी स्कूलों को नोटिस देकर तलब किया था, मगर इनमें से कुछ ही स्कूलों ने अपना रिकॉर्ड दिया था, जबकि ज्यादातर स्कूलों ने कोई जवाब नहीं दिया था। अब ऐसे स्कूलों पर भी विभाग कार्रवाई की तैयारी में है। इन स्कूलों को दोबारा तलब किया है। इसी तरह जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने भी ऐसे 21 निजी स्कूलों को बंद करवाया है, जबकि 12 स्कूलों की मान्यता निदेशालय स्तर पर पेडिंग हैं।