गुरुद्वारा श्री हुकुमसर साहिब रवालों में घुड़सवार घोड़े को दौड़ाते हुए। संवाद
अंबाला सिटी। रवालों गांव स्थित गुरुद्वारा श्री हुकुमसर साहिब में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित तीन दिवसीय महान धार्मिक गुरमति समागम का मंगलवार को समापन हो गया। समागम के अंतिम दिन सुबह से शाम तक कथा कीर्तन किया। दोपहर में बाबा विधिचंद दल के घुड़सवारों ने हैरान करने वाले करतब दिखाए।
संगत घोड़ दौड़ देखने के लिए घरों की छतों पर चढ़ गई और खेतों में भी दोनों तरफ दौड़ देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। गुरुद्वारा श्री हुकुमसर साहिब रवालों के मुख्य सेवादार बाबा हरबंस सिंह दल सेवादारों के साथ पहुंचे। उन्होंने घुड़सवारों को सिरोपा देकर सम्मानित भी किया गया। दौड़ देखने के लिए कई दूसरे गांवों से भी संगत पहुंची। दरअसल, रविवार को बाबा विधिचंद दल की ओर से गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ आरंभ किए थे।
मंगलवार को श्री अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके उपरांत सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक समागम आयोजित किया गया। तीन दिन तक गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। बाबा विधिचंद दल मुखी संत बाबा अवतार सिंह के नेतृत्व में चल रहा है।
वहीं, इस समागम का आयोजन हर वर्ष गुरुद्वारा साहिब में किया जाता है। समागम में तीन दिन तक आसपास गांव समेत कई जगहों से संगत पहुंचती है। घोड़ा दौड़ को देखने के लिए संगत में काफी उत्साह होता है। बीती 18 अक्तूबर को गुरुद्वारा श्री हुकुमसर साहिब में संत बाबा सावण सिंह जी की 18वीं बरसी मनाई गई थी। बाबा सावण सिंह जी 18 अक्टूबर 2006 को सचखंड में विराजमान हुए थे। संत बाबा सावण सिंह की बरसी हर वर्ष समूह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व संगत के सहयोग से मनाई जाती है।
गुरुद्वारा श्री हुकुमसर साहिब रवालों में घुड़सवार घोड़े को दौड़ाते हुए। संवाद
गुरुद्वारा श्री हुकुमसर साहिब रवालों में घुड़सवार घोड़े को दौड़ाते हुए। संवाद