अंबाला। प्रदेश के पहले होम्योपैथिक अस्पताल को एक साल दो माह बीतने के बावजूद अभी तक डॉक्टरों और नर्सिंग ऑफिसर की कमी पूरी नहीं हो पाई है। छावनी के रामपुर गांव के सामुदायिक केंद्र में चल रहे इस अस्पताल महज दोपहर तीन बजे तक चलता है।
आने वाले मरीजों को डॉक्टर की जांच के बाद दवा, टेस्ट में एचबी व शुगर की जांच तक सुविधा ही मिल पा रही है। जबकि अस्पताल में उद्घाटन के समय ही अलग-अलग कमरों में करीब 25 बेड की सुविधा है। इसमें सामान्य वार्ड से लेकर प्राइवेट रूम तक है लेकिन बिना स्टाफ के यह सुविधा अभी तक शुरू ही नहीं हो पाई है। जबकि यह मरीजों के लिए काफी लाभदायक हो सकती है। यहां तक कि अस्पताल के लिए एक्स-रे से लेकर अल्ट्रासाउंड आदि मशीनें भी आनी थी वो भी अभी तक महज कागजों तक ही सीमित है।
अभी ऑनलाइन पंजीकरण भी नहीं
होम्योपैथिक अस्पताल की बात करें तो इसके लिए 54 स्टाफ की जरूरत है। इसमें डॉक्टरों से लेकर नर्सिंग ऑफिसर व अन्य स्टाफ शामिल है। यह आता है तो अस्पताल 24 घंटे तक खुल सकेगा। उसके बाद ही इसमें ओर सुविधाओं को बढ़ाया जा सकता है। स्टाफ अलग-अलग शिफ्ट में भी काम कर सकेगा।
चंद्रपुरी में भवन बनने के बाद होगा शिफ्ट
दरअसल, चंद्रपुरी में बन रही अस्पताल और कॉलेज की नई बिल्डिंग के बाद रामपुर गांव के सामुदायिक केंद्र में चल रहे इस अस्पताल को वहां पर शिफ्ट किया जाएगा। यह बिल्डिंग निर्माणाधीन है। 100 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य करीब 55.85 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है। तीन मंजिला अस्पताल और दो मंजिला कॉलेज की इमारत अलग-अलग होंगी। 6-6 मंजिला ब्वॉयज और गर्ल्स होस्टल का निर्माण होगा। 16 स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा।
वर्जन
राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल के रिक्त पदों के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द स्टाफ मिल जाएगा। स्टाफ के आते ही बेड की सुविधा को भी शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही एक्स-रे सहित अन्य मशीनों को भी जल्द ही उपलब्ध करवाया जाएगा।
डॉ. शशिकांत, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, अंबाला।