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Ambala News: शोध कर टाइटेनियम की जाली से बनाया कूल्हा, महिला को दिया जीवनदान

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डॉ. अश्वनी मोदगिल, सपाइन सर्जन, अंबाला छावनी सिविल अस्पताल ।
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अंबाला। कूल्हा बदलना हो ताे सबसे पहले अस्पताल का मोटा बिल और इसके बाद ऑपरेशन की लंबी तारीख मरीजों के लिए समस्या बनकर खड़े हो जाते हैं। मगर अंबाला छावनी के स्पाइन सर्जन डॉ अश्वनी मोदगिल ने एक जाली और सॉकेट से इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता के साथ किया।
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इससे मरीज को राहत मिली, बल्कि यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में जगह प्राप्त कर सका। डॉ. अश्वनी बताते हैं कि एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में ओपीडी में दिखाया। महिला को 20 साल से अवस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) कूल्हे की समस्या थी। यह बुजुर्ग महिला छह महीने से बेड पर थी। महिला ने कई स्थानों पर दिखाया था मगर कहीं पर समाधान नहीं मिला। ऐसे में डॉ. अश्वनी ने शोध कर एक टाइटेनियम की जारी से कूल्हा बनाया और उसमें सफलता भी मिली। महिला आज पूरी तरह स्वस्थ है।

इस कारण से जटिल था ऑपरेशन

डॉ. अश्वनी बताते हैं कि जब उन्होंने इस संबंध में विदेशों में हुए ऐसे केस और चिकित्सा से जुड़ी पुस्तकों को तीन दिन तक अच्छी तरह पढ़ा। इनसे मुख्य बिंदुओं को लिया, जिससे ऑपरेशन को आसान बनाया जा सके। इसमें पाया कि किसी भी केस में अभी तक प्रारंभिक स्टेज में कूल्हे में जाली नहीं लगाई गई थी। मगर इस मामले में हमने प्रारंभिक स्टेज में जाली लगाने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि महिला के कूल्हे में मिडियल वॉल नहीं थी, इसके बाद डाक्टर ने टाइटेनियम की जाली (मेस) से मिडियल वॉल बनाई। जाली ( मैस ) से मिडियल वॉल बनाते हुए, सॉकेट डालकर महिला के कूल्हा को बदल दिया। यह केस इतना सफल हुआ कि अगले दिन छुट्टी देकर घर भी भेज दिया। इस रिसर्च पेपर को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में भी जगह मिली।
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आयुष्मान कार्ड होने से मिला निदान

महिला ने अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल से पहले चंडीगढ़ सेक्टर 32 के अस्पताल में ऑपरेशन के लिए तारीख ले रखी थी। महिला की 60 वर्ष की उम्र थी और वहां पर ऑपरेशन दो साल बाद करने की तारीख दी गई। कूल्हे का ऑपरेशन काफी महंगा होता है तो महिला इतना खर्चा भी नहीं उठा सकती थी कि वह प्राइवेट अस्पताल में जाकर उपचार कराए। ऐसे में आयुष्मान कार्ड होने के कारण महिला का यह ऑपरेशन छावनी के नागरिक अस्पताल में निशुल्क हुआ।

यह है अवस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन)

अवस्कुलर नेक्रोसिस या एवीएन, जिसे ओस्टियोनेक्रोसिस भी कहा जाता है, वह स्थिति है जो तब होती है जब खून की कम आपूर्ति के कारण हड्डी के भाग नष्ट होने लगते हैं।
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