अमेरिका भेजने और नौकरी दिलवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि आरोपियों ने पीड़ित से 30 लाख रुपये मांग की थी। रूप गांव नग्गल निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि वह शहर के मानव चौक पर नरूला डेयरी के नाम से उसकी दूध की डेयरी है। वह गांव सौंटा निवासी रंजीत सिंह व गांव जनसुआ निवासी बलकार को नवंबर 2021 से जानता है क्योंकी इन दोनों ने डेयरी पर आकर बताया कि वह वीजा लगवाकर विदेश, कंपनियों और स्टोरों में लाखों रुपए की नौकरियां लगवाने का कारोबार करते हैं। पीड़ित के अनुसार उस दिन डेयरी पर उसका बेटा अमन भी बैठा था, उनकी बातें सुनकर बेटे ने दोनों को कहा कि वह अमेरिका जाना चाहता है। इसके बाद बलकार और रंजीत ने बताया कि इसके लिये 30 लाख रुपये और अमन का पासपोर्ट देना होगा। कुछ दिन बाद दोनों आरोपी डेयरी पर आये और कहा कि वह अमन को अमेरिका का वीजा लगवाकर भिजवा देंगे और उसे वहां पर लाखों रुपये की नौकरी भी दिलवा देंगे। इसके बाद दोनों 30 लाख रुपये में बात तय हो गई। जिसमें पहले 5 लाख रुपये नगद देने होगे और 5 लाख रुपये की रकम का बैंक खाता का चैक और अमन का पासपोर्ट उन्हें देना होगा। बकाया 20 लाख रुपये अमन के अमेरिका पहुंचने के बाद देने होगे। 19 दिसंबर 2021 को दोनों पिता पुत्र बलकार सिंह सैणी के घर पर उसके गांव जनसुआ गये और उसने वहां पर रणजीत सिंह दोनों को पांच 5 लाख रुपये कि नगद दिये और 5 लाख रुपये की रकम शहर के कचहरी ब्रांच स्टेट बैंक आफ इंडिया, का एक चैक बलकार सिंह के नाम का और अमन का पासपोर्ट बलकार सिंह को दे दिया। इसके बाद बलकार सिंह सैणी ने चैक को अपने बैंक खाता में लगाकर 21 दिसंबर 2021 को 5 लाख रुपये की रकम निकलवा ली। इसके बाद से जब भी पीड़ित दोनों आरोपियों से बेटे को विदेश भेजने के बारे में कहता तो वह दोनों बहाना बनाकर टाल देते। इस तरह से दोनों आरोपियों ने 10 लाख रुपये अमन का पासपोर्ट ले लिया था, 11 मई 2023 को रणजीत सिंह पीडि़त को 5 लाख रुपये का चैक दिया वह बात नहीं बनी। अब दोनों आरोपी उसे जान से मारने और झूठे फौजदारी केस में फंसवाने कि धमकी दे रहे है।