पिछले कई सालों से गीता के प्रचार और प्रसार का काम कर रही हजारों युवाओं की संस्था गीता गोपाल रविवार को गीता जयंती पर एक खास कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। कार्यक्रम में हिंदू, मुसलिम, सिख और ईसाई धर्म के धर्मगुरु व उनके अनुयायी सभी मिलकर गीता का नमन करेंगे।
इतना ही नहीं उसके बाद गीता जयंती पर निकाले जाने वाली भव्य शोभायात्रा में भी ये विभिन्न समुदाय के लोग शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और इसी संबंध में शनिवार को गीता गोपाल संस्था की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें इस कार्यक्रम की तैयारियों पर विचार-विर्मश किया गया।
गीता गोपाल संस्था के संस्थापक राकेश मोहन शर्मा ने बताया कि उनके इस कार्यक्रम का उद्देश्य सांप्रदायिक एकता और गीता के महत्व का प्रचार करना है। उन्होंने कहा कि गीता सिर्फ हिंदू लोगों का पवित्र ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि ये इंसानियत सिखाने वाला पावन ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए संस्था यही संदेश 'जब कभी इंसानियत का गीत कोई गाएगा, नाम गीता का जुबां पर सबसे पहले आएगा.. लोगों तक पहुंचाना चाहती है। उन्होंने बताया कि सभी धर्मों के ग्रंथ इंसानियत का ही पाठ पढ़ाते हैं और गीता भी सभी ग्रंथों का सार और आधार है।