माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। मुलाना थाने में अधिवक्ता व उसके परिजन की पिटाई और अभद्रता का मामला अभी शांत नहीं हुआ। इस मामले पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया था। इस मामले में 27 जनवरी को हाईकोर्ट में पहली सुनवाई है। इसमें पुलिस को अपना पक्ष और कार्रवाई बताने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं की निगाह 27 जनवरी पर कोर्ट के निर्णय पर टिकी हुई हैं।
वहीं, दूसरी तरफ पुलिस भी जवाब को लेकर अपनी तैयारी कर रही है। इस मामले से जुड़ा हुआ एक वीडियो भी है, जो हाईकोर्ट में पुलिस की मुश्किलें खड़ी कर सकती है। अंबाला जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि 27 जनवरी को हाईकोर्ट की सुनवाई में पुलिस जो भी पक्ष रखेगी और अपनी जो भी कार्रवाई अभी तक की सामने लाएगी, उसी आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में हमने पुलिस को जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया था ताकि सभी आरोपियों पर कार्रवाई हो सके। अभी पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है। मगर जांच के कई बिंदु अभी भी बाकी हैं।
- यह था मामला
यह घटना 12 दिसंबर 2025 की है। थाना मुलाना क्षेत्र के गांव सोहाना में घर जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद का मामला सामने आया था। पीड़ित रोशन लाल ने पुलिस को बयान दर्ज करवाए थे कि कुछ लोगों ने आपसी सलाह-मशवरे के बाद जेसीबी मशीन से उनके घर का रास्ता खोदकर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पर उनके व उनके जीजा के साथ मारपीट की गई। रोशन लाल की शिकायत पर पुलिस ने चुहड़ सिंह, जगतार सिंह, सोमनाथ, जीतो देवी, बाबूराम, उसकी पत्नी रीटा, विशाल, अधिवक्ता रितेश सहित अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद रात को दोबारा झगड़े की शिकायत के लिए जब अधिवक्ता ने पुलिस को फोन किया तो आरोप है कि पुलिस अधिवक्ता व उनके परिवार को ही थाने ले गई थी। यहां पर अधिवक्ता की पिटाई, गाली-गलौज की और निवस्त्र करने का आरोप है।