अंबाला। जीआरपी कर्मचारियों को एक तरफ का इमरजेंसी यानि ई-पास मिल रहा है और वो भी स्लीपर श्रेणी का। इस कारण आपराधिक मामलों की तफ्तीश पर जाने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें जनरल टिकट पर अपराधी के साथ ही शौचालय आदि के पास बैठकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह जानकारी राजकीय रेलवे पुलिस के उन कर्मचारियों से मिली है जो खुद यह परेशानी झेल चुके हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना के बाद से ऐसा चल रहा है। जबकि पहले आवागमन के लिए दोनों तरफ के एसी श्रेणी के ई-पास मिलते थे। इस कारण तफ्तीश पर अपराधियों संग जाने वाले कर्मचारी काफी भयभीत रहते हैं कि कहीं बीच सफर के दौरान अपराधी उन्हें चकमा देकर फरार न हो जाए और कहीं जनरल डिब्बे में सफर के दौरान उसके साथी ही उसे छुड़ाकर न ले जाएं। महीने में तीन-चार बार ऐसे मामले आ जाते हैं कि कर्मचारियों को दूसरे राज्य में जाना पड़ता है ताकि मामले से जुड़ी जानकारी हासिल हो सके और अन्य अपराधियों की धरपकड़ हो सके। लेकिन एक तरफ का ई-पास मिलने के कारण कई बार जांच भी प्रभावित हो जाती है। इसमें अधिकांश मामले ट्रेन से जुड़ी चोरी संबंधी शिकायतों के होते हैं। बावजूद इसके रेलवे द्वारा वापसी का पास नहीं दिया जाता।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसा नहीं है कि समस्या समाधान को लेकर रेलवे से पत्राचार नहीं किया गया। रेलवे ने जवाब दिया था कि वापसी में जिस रेलवे स्टेशन से वो सफर करते हैं, उसकी रेलवे अधिकारी से वो रेल पास प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
सोनीपत स्टेशन पर हुई बहस
ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पहले सोनीपत रेलवे स्टेशन पर उस समय घटित हुआ, जब स्टेशन पर तैनात लक्की नाम के टिकट निरीक्षक ने जीआरपी के उप निरीक्षक के साथ ई-पास को लेकर धक्का-मुक्की कर दी और उसे ट्रेन से नीचे गिराने का प्रयास किया। इस संबंध में उक्त टीटीई के खिलाफ सोनीपत जीआरपी में भी मामला दर्ज किया गया था।
अंबाला छावनी जीआरपी थान में तैनात कर्मचारियों को मुकदमे की तफ्तीश व आरोपितों की धरपकड़ के लिए कई बार दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। एक तरफ का ई-पास मिलने के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दिल्ली मंडल के अधीन कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से तफ्तीश के लिए जाने वाले कर्मचारियों को दोनों तरफ का पास मिल रहा है जबकि अंबाला मंडल से एक।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी, अंबाला छावनी।
मामला मेरे संज्ञान में आया है। रेलवे द्वारा जो भी पास जारी किया जाता है वो नियमों के तहत ही किया जाता है। जीआरपी कर्मचारियों को एक तरफ का पास मिल रहा है और दूसरी तरफ का नहीं। इससे जुड़े नियमों को देखा जाएगा और इसी आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र कादयान, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक,अंबाला मंडल।