अंबाला। नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटों के मरम्मत का टेंडर रिन्यू नहीं होने की वजह से कई गली-मोहल्लों और सुभाष पार्क के आसपास अंधेरा पसर जाता है। स्ट्रीट लाइट रिपेयर का टेंडर खत्म होने के बाद भी ठेकेदार मौखिक तौर पर मिले आश्वासन के बाद काम करता रहा। अब उसका बिल भी सात लाख रुपये हो गया है।
ठेकेदार ने एक मार्च से किया काम बंद
नगर परिषद के अधिकारी नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया में जुटे रहे, लेकिन अब तक ये टेंडर नहीं हो पाया। इसके अलावा ठेकेदार का सात लाख रुपये का भुगतान हो पाया। इस कारण ठेकेदार ने एक मार्च से स्ट्रीट लाइट रिपेयर का काम पूरी तरह से बंद कर दिया है और अब इसका असर अंबाला कैंट की सड़कों पर नजर आने लगा है। सबसे खराब हालात सुभाष पार्क के सामने सड़क और अंदर लगी फैंसी लाइट्स के हैं, जो पिछले एक सप्ताह से बंद हैं।
सैर करना हो रहा मुश्किल
पार्क में सैर करने आए लोगों ने बताया कि लगभग एक हफ्ते से वो नगर परिषद में इसकी जानकारी भी दे रहे हैं। बावजूद इसके लाइटों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। सड़क पर लगी फैंसी लाइट्स भी बंद हो गई हैं। यहां लगा स्विच खराब हो गया है। स्विच को ऑन करने के कुछ देर बाद ही स्विच ऑफ हो जाता है और सड़क पर अंधेरा पसर जाता है जोकि दुर्घटना का कारण भी बन सकता है, वहीं लोगों को चोरी व छीना-झपटी का डर भी सता रहा है।
सेक्टर- 34 और क्रास रोड 12 पर भी अंधेरा
अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर बसे सेक्टर- 34 में भी अंधेरा पसरा है। यहां लगभग 500 परिवार रहते हैं। रात के समय लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे ही हालात छावनी के क्रास रोड 12 पर स्थित रिहायशी क्षेत्रों के हैं। आलू गोदाम से 12 क्रास रोड की तरफ जाने वाले सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइटें बंद हो गई हैं। इसी प्रकार कुछ अन्य क्षेत्र भी हैं, जहां अब रात के समय अंधेरा ही नजर आता है।
प्रतिमाह था 3.25 लाख का टेंडर
नगर परिषद की तरफ से हिसार की कंपनी एनडी इलेक्ट्रिकल को स्ट्रीट लाइट रिपेयर का टेंडर दिया गया था। प्रतिमाह रिपेयर खर्च के तौर पर 3.25 लाख का टेंडर निर्धारित किया था। ठेकेदार ने लगभग 20 कर्मचारी स्ट्रीट लाइट रिपेयर के लिए लगाए थे, जो अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात थे और सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर भेजकर स्ट्रीट लाइट रिपेयर का काम करते थे। ठेकेदार संदीप ने यह भी बताया कि सामान की कीमत काफी बढ़ गई हैं, बावजूद इसके वो घाटे में भी काम करता रहा ताकि छावनी वासियों को अंधेरे की परेशानी से जूझना न पड़े, लेकिन अब हालात काफी खराब हो गए हैं। इसलिए अब उसने पुराने रेट पर काम करने से भी इंकार कर दिया है।
टेंडर 30 सितंबर को हुआ था खत्म
स्ट्रीट लाइट रिपेयर का टेंडर 30 सितंबर 2022 को खत्म हो गया था। फिर इसे 31 दिसंबर 2022 तक एक्सटेंशन दी गई। इसके बाद नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया शुरु की गई और छावनी क्षेत्र में अंधेरा न पसरे, इसके लिए भी नप अधिकारियों ने ठेकेदार से मंत्रणा की और उसे दो माह के लिए कार्य करते रहने के निर्देश दिए। ठेकेदार ने भी 28 फरवरी तक पूरी निष्ठा व लग्न से काम करते हुए कार्य किया। जब उसे लिखित में एक्सटेंशन नहीं मिली तो उसने काम करना बंद कर दिया।
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स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, पिछले लगभग दो माह से 15 के करीब स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इसकी जानकारी कर्मचारियों को दी थी, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जितेंद्र
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साथ लगते सेक्टर- 33 में स्ट्रीट लाइटें जल रही है जबकि वहां कोई भी नहीं रहता। जबकि सेक्टर 34 में 500 परिवार हैं। बावजूद इसके यहां लगी स्ट्रीट लाइटें बंद हैं।
प्रमोद।
वर्जन
स्ट्रीट लाइट रिपेयर का ठेका 31 दिसंबर 2022 को खत्म हो गया था। मौखिक आश्वासन के बाद ठेकेदार ने फरवरी तक काम किया है। नए सिरे से टेंडर को लेकर प्रक्रिया जारी है ताकि रिपेयर का कार्य लगातार चलता रहे। उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर फाइनल हो जाएगा।
निर्मल नागर, प्रशासक नगर परिषद सदर।