गैर संचारी रोगों (एनसीडी) के मुख्य कारणों की जांच के लिए पीजीआई चंडीगढ़ की टीम ने अंबाला में दस्तक दी है। यह टीम ग्लोबल वार्मिंग के कारण हो रहे बदलाव और ऐसी स्थिति में पनप रहीं एनसीडी बीमारियों का अध्ययन करने में जुट गई है।
अध्ययन के दौरान टीम अंबाला विभिन्न गांवों में भ्रमण कर रही है। जांच के दौरान टीम मरीजों के सैंपल लेकर-20 डिग्री के तापमान वाले कोल्ड चेन में रखकर पीजीआई जांच के लिए भेजेगी। सैंपलों पर अध्ययन कर टीम रिपोर्ट तैयार करेगी। इससे पता लगेगा कि ग्लोबल वार्मिंग के किन कारणों से लोग शुगर बीपी जैसी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। यह विशेष स्टेप सर्वे मार्च से शुरू होकर अक्टूबर माह तक जारी रहेगा। हरियाणा प्रदेश में यह सर्वे 150 गांवों में चलाया जा रहा है।
प्रदेश में दूसरी बार होगा सर्वे
पीजीआई से टीम की मुख्य चिकित्सक डॉ. सानिका ने बताया कि पूरे देश में डब्ल्यूएचओ की ओर से यह स्टेप सर्वे करवाया जाता है। हरियाणा पहला प्रदेश है, जिसमें यह सर्वे दूसरी बार करवाया जा रहा है। इसके लिए पीजीआई की तरफ से 13 लोगों की टीम अंबाला आई है। इसमें चिकित्सक और एलटी सहित अन्य स्टाफ भी रहेगा। इसके साथ ही एएनएम वर्कर को भी इस सर्वे में शामिल किया जाएगा। जिसके लिए पीजीआई की ओर से एएनएम को शुल्क भी दिया जाएगा।
इन क्षेत्रों में होगी सैंपलिंग
पीजीआई की विशेष टीम अंबाला छावनी के वार्ड नंबर 28, वार्ड नंबर नौ, नन्हेड़ा, जंगोली, शहजादपुर, जनदेहड़ी और सेखमाजरा में मरीजों की सैंपलिंग होगी। डॉ. सानिका ने बताया कि बीपी शुगर जैसी बीमारियां वैसे तो खराब जीवन शैली के कारण होती है। इसके साथ ही ग्लोबल वार्मिंग के कारण भी बीपी शुगर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इस सर्वे में इसी प्रकार के कारणों का पता लगाया जाएगा। इसके बाद हमारी ओर से चलाए जा रहे एनसीडी कार्यक्रमों में सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही नए कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे मरीजों की जांच और उनका उपचार आसानी से किया जा सके।
वर्जन
निदेशालय की ओर से निर्देश जारी हुए है। जिसके आधार पर ही सर्वे शुरू किया गया है। टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों की सैंपलिंग करेगी। सैंपल पीजीआई में भेजे जांएगे। जिन पर शोध के बाद नतीजे दिए जाएंगे।
-डॉ. नीलम कुश्वाह, डिप्टी सीएमओ एनसीडी विभाग अंबाला।