अंबाला सिटी। बीते शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके लिए अब जिला प्रशासन ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। इस पर किसान अपने मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने भी फसलों को हुए नुकसान का अनुमानित ब्यौरा बना लिया है। विभाग के अनुसार गेहूं की फसल को 13 हजार 760 हेक्टेयर में नुकसान हुआ है। इसमें नौ हजार 713 हेक्टेयर में शून्य से 25 प्रतिशत तो वहीं चार हजार 47 हेक्टेयर में 25 से 50 प्रतिशत तक फसल को नुकसान हुआ है। सरसों की फसल को 2266 हेक्टेयर में नुकसान हुआ है। इसमें 486 हैक्टेयर में शून्य से 25 प्रतिशत, 1780 हेक्टेयर में 25 से 50 प्रतिशत और 101 हेक्टेयर में 50 से 75 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। इसके अलावा 1619 हेक्टेयर में अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें 1012 हैक्टेयर में शून्य से 25 प्रतिशत और 607 हैक्टेयर में 25 से 50 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है।
72 घंटे के भीतर करें आवेदन
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है, वे किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 72 घंटे के अंदर अपना मुआवजे संबंधी रिपोर्ट दर्ज करवाएं। इससे नियमानुसार उनकी गिरदावरी करवाते हुए उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भिजवाई जा सके। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण करवाया है, वे अपने निकटतम कृषि अधिकारी को 72 घंटे के भीतर अपने फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं। वहीं जो किसान इस योजना के तहत पंजीकृत नही है वे हरियाणा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना नुकसान दर्ज करवा सकते हैं।
वर्जन
हमारी ओर से नुकसान का अनुमान लगाया है। जिन किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण करवाया था उन किसानों की गिरदावरी कृषि विभाग करेगा तो वहीं अन्य किसानों की गिरदावरी राजस्व विभाग करेगा।
-डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी, उप निदेशक कृषि और किसान कल्याण, अंबाला।