अंबाला सिटी। पत्नी तेजेंद्र कौर को जलकर मरने को मजबूर करने वाले तोपखाना बाजार के जसविंदर पाल सिंह को चार साल की कैद दी गई है। दो दिन पूर्व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश बंसल की कोर्ट से उसे दोषी करार दिया गया था जबकि देवर चरणजीत को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। वीरवार को सुनाए गए फैसले में उस पर 7 हजार का जुर्माना भी लगाया गया जोकि अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। वर्ष 2016 की घटना कैंट सदर थाने में दर्ज है। फैसले के बाद उसे वापस केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। केस में हुई 15 गवाहियों में पुलिस, पीड़िता के मरने से पूर्व दिए गए बयान, डाक्टर, मजिस्ट्रेट व अन्य शामिल हैं। घटना के बाद से दोषी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा था। दोषी घोषित करते ही उसे कस्टडी में ले लिया गया था।
मामले में तेजेंद्र कौर ने स्वयं को आग लगा ली थी। चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। तीन साल पूर्व 27 दिसंबर की एफआईआर के अनुसार तेजेंद्र कौर की शादी जसविंदर पाल सिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। कुछ समय तक सब कुछ सही चला लेकिन बाद में दंपती व परिवार में झगड़ा रहने लगा। इसी से परेशान होकर उसने 2 जून शाम खुद को आग लगा ली थी। झुलसी हालत में उसे नागरिक अस्पताल से पीजीआई रेफर किया गया था। डीडीए जंग बहादुर के अनुसार दोषी जसविंदर सिंह को कोर्ट ने चार साल की कैद के अलावा सात हजार का जुर्माना लगाया है। मौत से पूर्व मजिस्ट्रेट को दिए गए अंतिम बयान सजा का मुख्य आधार बने। मृतका इस बात से भी परेशान थी कि दोषी उसकी बुआ की लड़की से भी बात करता था।