अंबाला सिटी। एटीएम उखाड़ने की वारदात में पकडे़ गए आरोपियों ने पुलिस रिमांड के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि चोरी के पैसों से किसी को अपने कॉलेज की फीस भरनी थी तो किसी ने बताया कि वह इन पैसों से कर्ज उतारना चाहता था और बचे हुए पैसों से ऐश मस्ती करना चाहता था। रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे अन्य आरोपियों की अभी तलाश है।
19.40 लाख की नकदी से भरा एटीएम उखाड़ ले जाने की वारदात में पकड़े गए आरोपियों ने अपने हिस्से के पैसों को खर्च करने की प्लानिंग कर रखी थी। बिट्टू पंचाल व उसके ममेरे भाई अंकित ने अपनी कालेज फीस भरने के अलावा कर्ज उतारना था। बकाया पैसों से अन्य की तरह ऐश-परस्ती की तमन्ना थी। दोनों का परिवार ने बायकॉट कर रखा है। कुरुक्षेत्र में बिट्टू के किराए के कमरे पर रइस बनने की चाह में साजिश रची गई। सरगना नरेंद्र सहित सभी आरोपी वहीं राय-मशविरा करते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सबसे ज्यादा हिस्सा नरेंद्र का था। उसके बाद बिट्टू, अंकित थे। अमित को कम हिस्सा देना था। चार को केवल एक-एक लाख देना था। सरगना नरेंद्र, अमित कालिया और लोहार लोहार पिंटू की तलाश जारी है। 21-22 फरवरी की रात साहा चौक पर हुई घटना के समय एसपी अभिषेक जोरवाल तथा साहा थाना प्रभारी गश्त पर थे। पिछले साल 22 अप्रैल को शहर कचहरी चौक पर महेंद्र मोगली पर की गई फायरिंग में अंकित शामिल था। जींद का मनोज नैन, हिसार का जोगा सिंह और पानीपत का नवीन उर्फ गोलू पकड़े जा चुके हैं।
इनसे इतनी-इतनी हुई बरामदगी
कुरुक्षेत्र की लायलपुर बस्ती के सन्नी से 65 हजार, जींद के बिट्टू से 4 लाख, सरस्वती नगर के हिमांशु से 70 हजार, कीर्ति नगर के रमन ठाकुर से 62 हजार, भगवान नगर के अमन कथूरिया से 80 हजार और अंकित से 6 लाख बरामद कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अंकित ने चार लाख सोनीपत में नरेंद्र किराए के कमरे व दो लाख अपने घर से बरामद करवाए।
यूं चला घटनाक्रम
- वारदात के बाद उपलाना के लोहार पिंटू (अंकित का मामा) के घर पहुंच आठों आरोपियों ने कटर से मशीन तोड़ पैसे निकाले। सीसीटीवी, मुखबिरी और साइबर सैल के सहयोग 25 फरवरी को पकड़े गए आरोपियों का 26 को तीन दिन का रिमांड हुआ। 28 फरवरी को अंकित धरा गया। 29 को पांचों और 1 मार्च को अंकित को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
एटीएम चोरी के पैसों से ममेरे भाईयों बिट्टू व अंकित ने कालेज की फीस भरने के अलावा कर्ज उतारना था। अब तक पकड़े गए सभी आरोपियों की ऐश-परस्ती की तमन्ना थी। चार आरोपियों को एक-एक लाख देने के अलावा नरेंद्र का सबसे बड़ा, उसके बाद दोनों भाईयों फिर अमित का हिस्सा रखा गया था लेकिन बंटवारे से पहले ही वे पकड़े गए। ममेरे भाईयों को संदिग्ध गतिविधियों के कारण परिवार ने बेदखल कर रखा है। अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-शमशेर सिंह ढुल, एएसआई सीआईए-2