सामूहिक दुराचार के एक मामले में पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई न होने से निराश होकर राष्ट्रपति को पत्र लिख इच्छा मृत्यु मांगी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों पर उचित कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं और आरोपी उसे और उसके संबंधियों की जान के दुश्मन बने हुए हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग समझौता करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उसका घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह कभी भी आत्महत्या कर सकती है और इसका कारण आरोपियों द्वारा तंग किया जाना होगा। इसके चलते उसने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है।
ये था मामला
पीड़िता की शिकायत के अनुसार वह अपनी बहन के घर आई हुई थी। अपने जीजा के घर 6 जुलाई 2012 की रात जब वह चौबारे में सो रही थी तो छह युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़िता का आरोप है कि पहले तो पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को 5-6 महीने तक गिरफ्तार नहीं किया। बाद में डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने पर केवल 3 आरोपियों को पकड़ा गया जबकि तीन अन्य आरोपी आज भी सरेआम घूम रहे हैं।
राष्ट्रपति को पत्र लिखने की कोई जानकारी नहीं मिली है। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया हुआ है। और तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पीड़िता की गवाही पर मामला चल रहा है।
- कश्मीर सिंह, एसएचओ कलायत