मृतक दपंती की मौत के बाद अचानक उनकी संतान पैदा हो गई। वह भी पूरे 30 साल की। चौंकीए नहीं यह सच है। खुद नगर निगम (वर्तमान में छावनी परिषद) छावनी इसका जीता जागता गवाह है। नगर निगम छावनी ने बाकायदा 2019 में मृत दंपत्ति की संतान होने का जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किया है।
नगर निगम के इस हैरतअंगेज कारनामे और मृत दपंती के वास्तव में संतान पैदा हुई हैं यह जानने के लिए अब डीएनए टेस्ट होगा। इसी डीएनए टेस्ट से यह पता चलेगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूट। बता दें कि अमर उजाला ने ही इस पूरे मामले को अपने 16 जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
क्या है मामला
दरअसल, हाउसिंग बोर्ड निवासी सतेंद्र सिंह जौली ने गृहमंत्री अनिल विज को दी शिकायत मे बताया है कि 21 मार्च 2019 को उनके छोटे भाई सुखपाल सिंह व 2018 में उनकी पत्नी कमलजीत कौर की मृत्यु हो चुकी है। बतौर सतेंद्र जौली उनके भाई-भाभी की कोई संतान जीते जी नहीं थी। बाकायदा उनके पास इसका सारा रिकार्ड भी है।
लेकिन नगर निगम छावनी ने वर्ष 2019 में उनके मृत भाई-भाई के एक 30 साल की बेटी कागजों में दिखा दी है, जोकि किसी हाल में संभव नहीं है। सतेंद्र सिंह जौली के आरोप हैं कि जिसे मृत दपंती की संतान बताया जा रहा है वह उनकी भाभी की बहन की बेटी है। जिसे फर्जी तरीके से उनकी भतीजी बताया जा रहा है। बाकायदा उन्होंने आरटीआई की रिपोर्ट भी पेश की है।