अंबाला सिटी। अपने मासूम बच्चों के लिए लोग न जाने क्या-क्या नहीं करते। वास्तव में मां-बाप ही बच्चों के लिए भगवान की भूमिका निभाते हैं। बिहार के गया जिला निवासी सतेन्द्र व संजू देवी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वे सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर अंबाला पहुंचे। उनके चार वर्षीय बेटे रंजीत कुमार की आंख के पास एक बड़ी रसौली थी।
गरीब दंपती के अनुसार बच्चे की समस्या को लेकर वह बिहार के विभिन्न अस्पतालों से संपर्क कर चुके थे। चिकित्सकों ने इलाज पर करीब एक लाख रुपये खर्च बताया था जोकि उनकी पहुंच से बाहर था। कुछ महीने पहले उन्हें पता चला कि अंबाला में एक संस्था के माध्यम से उनके बच्चे का इलाज हो सकता है। वह संस्था की तलाश में अंबाला पहुंचे। यहां उन्होंने माधव नेत्र बैंक एवं माधव नेत्र ज्योति सोसायटी के पदाधिकारियों से संपर्क कर अपनी व्यथा सुनाई। संस्था के लोगों ने उस बच्चे की आंख सिटी के कपिल आई अस्पताल में चेक करवाई। संस्था के पदाधिकारियों ने चिकित्सकों के मार्ग दर्शन में बच्चे के विभिन्न टेस्ट आदि करवाकर ऑपरेशन करवाने की तैयारी शुरू की। अनुभवी चिकित्सकों की देखरेख में बच्चे का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के पश्चात अब बच्चा पूरी तरह से है।
वहीं पारिवारिक सदस्यों ने माधव नेत्र बैंक एवं माधव नेत्र ज्योति सोसायटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संस्था के कारण बच्चे का इलाज बेहतर ढंग से हो पाया है। दंपती ने बच्चे के इलाज के लिए करीब छह हजार एकत्रित किए थे। जिसको उन्होंने संस्था को दान स्वरूप दे दिया। उनका कहना था कि इन पैसों से किसी और बच्चे के इलाज में सहयोग मिलेगा। इस मौके पर कृष्ण लाल गुलाटी, भीमसेन भल्ला, किरन छिब्बर, करन संतल माधव नेत्र बैंक एवं माधव नेत्र ज्योति सोसायटी के सदस्यों ने बताया कि वह जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तत्पर रहते हैं। भविष्य में भी यदि किसी को जरूरत पड़ी तो वह उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
संस्था की ओर से बच्चे की आंखों की जांच की गई। इसमें बच्चे की एक आंख में कुछ समस्या पाई गई थी। बच्चे के कुछ जरूरी टेस्ट करवा कर ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा। इस समस्या के कारण बच्चा व उसके मां बाप बहुत परेशान चल रहे थे। वह अब अपने बच्चे को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट हैं। कुछ ही दिनों में बच्चे की आंख पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी।
- डॉ. अमित गुप्ता, चाइल्ड नेत्र विशेषज्ञ, कपिल आई अस्पताल, अंबाला सिटी।