अंबाला सिटी। आमजन के दैनिक उपयोग संग सियासत में भी तकनीक का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है।इसके तहत पहली बार लोकसभा चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का प्रयोग हो रहा है। भाजपा के प्रचार विभाग ने एआई के प्रयोग को लेकर अलग रणनीति बनाई है। लोकसभा चुनावाें में प्रत्याशियों के प्रचार करने आने वाले गणमान्यों के भाषणों की स्क्रिप्ट में भी एआई की मदद ली जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में तकनीक का प्रयोग चुनावों में काफी बढ़ गया है। यही कारण है कि प्रत्याशी अब घर-घर जाकर वोट मांगने की जगह सोशल मीडिया को तरजीह दे रहे हैं। पहले सर्वे और पीआर टीम प्रत्याशियों के लिए चुनाव से पहले ही फील्ड में उतर जाती थीं। फिर एक डाटा तैयार कर चुनावी हवा को दिशा देने का काम किया जाता था, लेकिन समय के साथ अब चुनावों में एआई की अहम भूमिका दिखाई दे रही है। एआई के जरिए भाजपा अपने चुनावी कैंपेन को पूरा करने में मदद लेगी यह तो तय है। इस संबंध में प्रचार विभाग की तरफ से विभिन्न राज्यों में जिला स्तरीय प्रसार प्रचार का काम कर रहे लोगों को तैयार किया गया है। इसका प्रयोग कहां-कहां विस्तृत रूप से होगा, इस संबंध में आने वाले समय में जानकारी साझा की जाएगी। बताया जा रहा है कि चुनाव में प्रचार के लिए पार्टियों ने बूथ स्तर पर अपनी टीमें बनाईं हैं, जहां पर प्रचार प्रसार का जिम्मा आईटी सेल के लोग देख रहे हैं।