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Ambala News: गीता महोत्सव में उमड़ा आस्था व संस्कृति का सैलाब, आज होगा संपन्न

Fri, 05 Dec 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में इस बार उत्साह और रौनक चरम पर रही। देश के कोने-कोने से पहुंचे लाखों पर्यटकों ने ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर यादगार पलों को आत्मसात किया। वीरवार को सुबह से ही पर्यटकों का सैलाब शिल्प मेले और सरस मेले की ओर उमड़ पड़ा, जहां उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र और डीआरडीए की ओर से लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। पर्यटकों ने जमकर खरीददारी की। शिल्प व सरस मेले के साथ महोत्सव आज शुक्रवार को संपन्न हो जाएगा। अंतिम दिन और भी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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शिल्प और सरस मेले में विभिन्न राज्यों एवं हरियाणा के सभी जिलों से आए शिल्पकारों और सेल्फ हेल्प ग्रुप ने अपनी कला और स्थानीय उत्पादों को प्रस्तुत किया। लकड़ी, मिट्टी, धातु और हैंडलूम की वस्तुएं खरीदने वालों ने खूब पसंद कीं। वहीं दूसरी ओर महोत्सव में आए लोगों के लिए खान-पान भी एक खास आकर्षण रहा। राजस्थानी दाल-बाटी-चूरमा, ताऊ बलजीत सिंह की गोहाना जलेबी, हरियाणा के देसी स्वाद, कश्मीरी काहवा और उत्तर-पूर्वी राज्यों के व्यंजनों ने लोगों को कई स्वादों की सांस्कृतिक यात्रा कराई।

ब्रह्मसरोवर के घाटों पर एनजेडसीसी द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया। विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों ने अपनी वेशभूषा, लोक गीत और नृत्यों के माध्यम से देश की बहुरंगी संस्कृति से पर्यटकों को रूबरू कराया। दर्शकों ने तालियों और मोबाइल कैमरे की रोशनी से कलाकारों का खूब उत्साहवर्धन किया। सांध्य कालीन आरती में संगीत और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिला। पर्यटकों का कहना है कि गीता महोत्सव में न सिर्फ धार्मिक अनुभव मिलता है, बल्कि भारतीय संस्कृति की विविधता को करीब से समझने का अवसर भी मिलता है।
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हरियाणा पवेलियन में झलकी लोक संस्कृति की अनूठी छटा
गीता महोत्सव में हरियाणा पवेलियन पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहा, जहां हरियाणवी लोक संस्कृति की धूम देखने को मिली। हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और युवा एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में लोक कलाकारों ने रागनी, भजन, नृत्य और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। दर्शक कलाकारों की धुन पर झूमते नजर आए। सामाजिक कुरीतियों पर आधारित रागनियों ने लोगों को जागरूक किया तो धार्मिक भजनों ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। हरियाणा पवेलियन में कला, संस्कृति और उत्साह का अनोखा संगम पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बना।
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