अंबाला। कालका-शिमला रेल सेक्शन पर शुक्रवार को किया पैनोरमिक कोच का ट्रायल पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया है। ट्रायल के दौरान मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त को कुछ खामियां मिली हैं। इन्हें दूर करने के लिए आरडीएसओ के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, जिससे कि आगामी दो से तीन माह में इन खामियाें को दूर करके पुन: ट्रायल किया जा सके।
सीआरएस ने तकनीकी टीम को इंजन में कंप्रेसर की क्षमता को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि ऊंचाई पर चढ़ने के दौरान कोई दिक्कत न आए और इंजन भी गर्म न हो। इसके अलावा कोच के अंदर मोबाइल चार्जिंग सहित अन्य सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल सेक्शन पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पैनोरमिक कोच का संचालन किया जा सके।
दरअसल शुक्रवार को रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने कालका-शिमला रेल सेक्शन पर नए पैनोरमिक कोच का ट्रायल किया था। उनके साथ आरडीएसओ लखनऊ की टीम और अंबाला रेल मंडल के अधिकारी भी मौजूद रहे थे। बीच रास्ते के स्टेशनों पर भी ट्रेन को रोका गया था। हालांकि इससे पहले भी दो बार पैनोरमिक कोच का ट्रायल हुआ था जोकि सफल नहीं हो पाया था।
30 कोच आएंगे अंबाला मंडल के पास
रेल कोच फैक्ट्री द्वारा 30 पैनोरमिक कोच तैयार किए जाएंगे जोकि अंबाला मंडल के सुपुर्द किए जाएंगे ताकि इनका संचालन कालका-शिमला रेल सेक्शन की हसीन वादियों में किया जा सके और यात्रियों को इसमें प्रत्येक तरह की सुविधा मिले। प्राप्त जानकारी अनुसार सात नए पैनोरमिक कोच कालका-शिमला सेक्शन पर पहुंच गए हैं और इन पर लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत आई है।
वर्जन
सीआरएस की अध्यक्षता में नए पैनोरमिक कोच का ट्रायल किया गया है। इसमें कुछ खामियां मिली थीं,जिन्हें तकनीकी टीम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी दो से तीन माह में इन खामियों को दूर कर दिया जाएगा और फिर ट्रायल के बाद ट्रेन संचालन को लेकर फैसला किया जाएगा।
मंदीप सिंह, डीआरएम अंबाला।
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर ट्रायल के दौरान पैनोरमिक कोच वाली ट्रेन। रेलवे