अंबाला। रेलवे यूनियनों के चुनाव को लेकर चिह्न जारी होने के बाद राजनैतिक रंग जोर पकड़ रहा है। यूनियनों के पदाधिकारी खुलकर तो नहीं, मगर दबी जुबान में अधिकारियों के खिलाफ प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इसमें कोई बता रहा है कि किसी अधिकारी ने दो रेलवे क्वार्टरों पर कब्जा किया है तो कोई गलत सीट पर तैनात कर दिया गया है। हालांकि उच्चाधिकारियों के भी संज्ञान में मामलों की जानकारी पहुंच चुकी है और वो शिकायत प्राप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
पहला मामला
अंबाला रेल मंडल के अधीन राजपुरा में तैनात एक अधिकारी पर रेलवे क्वार्टर आवंटन में अनियमितताओं और अपने पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने रेलवे परिसर में दो क्वार्टरों पर कब्जा किया हुआ है।
दूसरा मामला
दूसरा मामला पद के दुरुपयोग का है। इसमें एक टीटीई पर आरोप जड़े गए हैं कि चार्ज शीट मिलने के बाद भी उसे उच्च पद पर तैनात कर दिया गया, हालांकि यह मामला भी अभी विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में नहीं आया है।
तीसरा मामला
अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन पर भी तीन सीबीएस तैनात किए जाने का प्रचार-प्रसार हो रहा है कि कम आमदनी वाले स्टेशन पर एक वेतनमान प्राप्त करने वाले तीन कर्मचारियों को लगाना गलत है और इससे रेलवे की छवि भी खराब हो रही है।
वर्जन
राजपुरा में विभागीय अधिकारी का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारी इसकी जांच करेंगे। चंडीगढ़ कार्यालय और सिटी में तैनात किए कर्मचारी कार्यभार के तहत ही तैनात किए गए हैं। अगर किसी को कोई चार्जशीट मिली है तो वो मेरे संज्ञान में नहीं है। जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल