अंबाला। कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में मानव तस्करी के तहत रेस्क्यू किए गए पांच बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है, वहीं 8 बच्चों की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है और उन्हें अभी ओपन शेल्टर होम में ही रखा गया है। सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन रंजीता ने बताया कि 9 बच्चों के साथ पकड़े गए आरोपी को अभी छोड़ दिया है। सभी बच्चों की काउंसलिंग रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल 30 सितंबर को मानव तस्करी की गुप्त सूचना के आधार पर ट्रेन नंबर 02407 न्यू जलपाईगुडी-अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई थी।
इस दौरान एक सरगना को गिरफ्तार करने के साथ 13 नाबालिग रेस्क्यू किए गए। पांच अलग-अलग टीमों के लगभग 30 कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने कोच नंबर डी-3, डी-4 और डी-5 में जांच की थी और 15 बच्चों का रेस्क्यू किया था। इनमें से 2 बालिग मिले थे, जिन्हें दस्तावेज देखने के बाद छोड़ दिया गया, वहीं टीम ने कार्रवाई के दौरान एक सरगना को भी गिरफ्तार किया था। सरगना की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी अशरफ के तौर पर हुई थी। इससे पहले भी मानव तस्करी की सूचना पर अगस्त और सितंबर माह में चार बार कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई थी और लगभग 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। सभी बच्चों को काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया था, वहीं जीआरपी ने 11 बच्चों के मामले में जीरो एफआईआर काटकर आगामी कार्रवाई के लिए बिहार जीआरपी को भेज दी थी।