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Ambala News: पंजाब हरियाणा में नकली शराब सप्लाई की आशंका

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माई सिटी रिपोर्टर
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शहजादपुर (अंबाला)। माॅडर्न कॉलोनी में शराब फैक्टरी मिलने के मामले ने सभी को हैरान कर दिया है। आरोपियों ने तीन महीने पहले ही शराब फैक्टरी की नींव रख दी थी। दबिश के दौरान पुलिस को तीन से चार ब्रांड की शराब मिली है।
इसमें हीरा सौंफी, माल्टा जैसे देसी शराब के ब्रांड भी शामिल हैं।इससे पुलिस का शक गहरा रहा है कि संभवत: हरियाणा और अंबाला के सीमावर्ती पंजाब के इलाकों में नकली शराब की सप्लाई की जा रही थी। आरोपियों की योजना एक बड़ी खेप को अपने नेटवर्क के जरिए खपाने की थी, इसीलिए वह शराब का स्टॉक कर रहे थे। मगर उनके मंसूबे कामयाब होते इससे पहले ही मुखबिरी हाे गई और आरोपियों की योजना धरी रह गई।
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हैरानी की बात तो यह है कि शराब की बोतलें पकड़ में न आएं इसके लिए आरोपियों ने असली शराब के ब्रांड से मिलती जुलती बोतलें और ब्रांड के नाम के स्टीकर तक बनावा रखे थे। इतना ही नहीं क्यूआर कोड भी पकड़ी गई शराब की बोतलों पर लगा मिला। ऐसे में बिना स्कैन किए कोई पता ही नहीं लगा सकता था कि यह नकली शराब है। वहीं इस मामले में अभी तक ुफैक्टरी संचालक बिट्टू का नाम सामने आ रहा है। बिट्टू के खिलाफ अंबाला शहर में लड़ाई झगड़े के एक दो मामले दर्ज हैं।

क्यूआर कोड का यह होता है उपयोग

शराब नीति में पिछली सरकार के समय ही आबकारी एवं कराधान विभाग ने क्यूआर कोड का प्राविधान किया था। इस नियम को लागू करते समय दावा किया गया था कि क्यूआर कोर्ड होगा तो स्कैन कर आबकारी विभाग पता लगा सकेगा कि शराब कहां से चली और कहां पहुंची। उस शराब की प्रमाणिकता का भी पता चल जाएगा। मगर किसी नकली शराब की फैक्टरी में यह पहली बार देखने को मिला है कि क्यूआर कोड भी नकली शराब की बोतलों पर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही शराब की डिलीवरी के लिए गाड़ी भी रखी थी। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

आरओ से लेते थे पानी, फूड कलर और केमिकल से बनाते थे शराब

इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि यहां अवैध शराब बन रही है। उन्हें हो शहजादपुर के धनाना गांव के बिट्टी ने बताया था कि शराब बनाने और पैकेजिंग का काम करता है। आरोपियों के इन दावों में कितनी सच्चाई है पुलिस रिमांड में इसकी जानकारी लगाएगी। वहीं आरोपी शराब बनाने के लिए फूड कलर, कार्मेल कलर, स्प्रिट आदि केमिकलों का प्रयोग करते थे। पुलिस पता लगा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्प्रिट की स्पलाई किस फर्म से हुई इसका भी पता लगाया जा रहा है।

अंबाला के धनौरा में भी पकड़ी गई थी जहरीली शराब की फैक्टरी

नवंबर 2024 में भी अंबाला के मुलाना स्थित धनौरा में नकली शराब की फैक्टरी पकड़ी गई थी। इसी फैक्टरी में बनी शराब गटकने के कारण अंबाला व यमुनानगर में 21 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में पुलिस ने कड़े कदम उठाते हुए फैक्टरी के जुड़े पूरे गिरोह को काबू कर जेल में भेज दिया था। इस दौरान पुलिस को फैक्टरी वे शराब की बोतलें, ड्रम, स्टीकर आदि मिले थे। अब पांच महीने बाद ही दोबारा इस तरह की फैक्टरी के पकड़े जाने से सभी हैरान हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि 2024 में पकड़ी गई फैक्टरी से इस मामले का कोई जुड़ाव नहीं है।
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वर्जन



आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने अभी तक कहां-कहां सप्लाई दी है या नहीं इसकी जानकारी की जा रही है। इंस्पेक्टर जतिंद्र, थाना प्रभारी शहजादपुर


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