संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। गांव सुभरी के 102 वर्षीय फूलचंद इन्सां ने जीवन के अंतिम क्षण तक समाजसेवा और मानवता की मिसाल पेश की। बुधवार को हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया, जिसके बाद उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को फरीदाबाद स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, फूलचंद इन्सां ने जीवनकाल में ही शरीरदान का संकल्प लिया था ताकि उनका शरीर मेडिकल शोध और शिक्षा में उपयोग हो सके। बुधवार शाम को गांव में भावुक माहौल के बीच उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। बेटियों कमलेश देवी इन्सां, गीता रानी इन्सां, किरण रानी और बाला देवी ने रूढ़िवाद को तोड़ते हुए पिता की अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने फूलचंद इन्सां अमर रहें के नारे लगाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। फूलचंद इन्सां ने करीब 50 वर्ष पूर्व परम पिता से नाम लिया था और डॉ. एमएसजी की प्रेरणा से मानव सेवा में जीवन व्यतीत किया। उनके पुत्र रामकुमार इन्सां, सतपाल इन्सां, पुनूराम और पोत्र भोला राम इन्सां ने बताया कि शरीरदान उनका जीवनभर का निर्णय था, जिसे परिवार ने पूर्ण सम्मान से निभाया।
पिता फूलचंद इन्सां की शव यात्रा में सहयोग करती बेटी। संवाद
पिता फूलचंद इन्सां की शव यात्रा में सहयोग करती बेटी। संवाद
पिता फूलचंद इन्सां की शव यात्रा में सहयोग करती बेटी। संवाद