अंबाला। दिल्ली कूच की घोषणा के बाद शुक्रवार को किसानों का पहला जत्था दिनभर के प्रयास के बावजूद आगे बढ़ने में नाकामयाब रहा था। 15 किसानों के घायल होने और अधिकारियों की वार्ता के बाद किसान पीछे हट गए थे। अब शनिवार को दिनभर किसानों की कई दौर की बैठकें चलीं। इसमें सभी मोर्चों के बड़े किसान नेता शामिल थे।
रविवार को दोपहर 12 बजे एक बार फिर से दिल्ली कूच को आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए पहले दिन कूच में शामिल रहे 101 किसानों के अलावा अन्य 101 किसानों को आगे बढ़ने देने के फैसले पर किसान नेताओं की सहमति हुई। ऐसे में अब नई जत्थेबंदियां रविवार को दिल्ली कूच करेगी। खास बात है कि पुलिस के आंसू गैस के गोले चलाने के बाद भी किसानों की रणनीति पहले की तरह ही रहेगी। वह निहत्थे पुलिस की बैरिकेडिंग तक जाएंगे और आगे बढ़ने के लिए संघर्ष करेंगे। इसमें किसी प्रकार के ट्रैक्टर या अन्य उपकरण का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
देरी से पहुंचा लंगर, पुलिस पर आरोप
किसान नेताओं ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर मोर्चे पर पानी की बोतलें और लंगर की व्यवस्था कराने की किसानों व समाज से अपील की। इस पर किसान नेता तेजवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पंजाब पुलिस ने उनकी कुछ गाड़ियां रोक ली थीं। इसमें लंगर की गाड़ियां और पानी के टैंकर शामिल थे। इस कारण से देरी से लंगर आ पाया था। वहीं किसानों को अपने स्तर पर लंगर बनाने का समय भी नहीं मिला था। ऐसे में लोगों से मदद की अपील की गई थी। अब संघर्ष कर रहीं जत्थेबंदियों तक समय से लंगर पहुंचे इसके लिए व्यवस्था की गई है।
युवा और बुजुर्गों में रहेगा तालमेल
किसान नेताओं का कहना है कि 101 जत्थेबंदियों में युवा और बुजुर्ग दोनों ही शामिल हैं। दोनों एक दूसरे के साथ से आगे बढ़ेंगे। इस दौरान उनके पास किसी प्रकार का अन्य सामान नहीं होगा।