फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीमा कंपनी का नया खेल: किसानों को नहीं दिया धान की फसल का मुआवजा, अब प्रीमियम कर रही वापस

Sat, 11 Mar 2023 01:49 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)

सार

बीमा कंपनियों ने उनके खातों में मुआवजे की रकम डालने की बजाय उल्टा प्रीमियम की रकम डालनी शुरु कर दी है। धान फसल में आई फिजी वायरस नाम की बीमारी से किसानों की फसलों को करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था।
विज्ञापन
demo pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धान फसल में आई फिजी वायरस नाम की बीमारी से किसानों की फसलों को करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था। नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने सरकार और बीमा कंपनियों से मुआवजे की मांग भी की थी। परंतु उसके विपरित अब बीमा कंपनियों ने उनके खातों में मुआवजे की रकम डालने की बजाय उल्टा प्रीमियम की रकम डालनी शुरु कर दी है।

विज्ञापन


किसान बोले मुआवजे से बचने के लिए कंपनी किसानों का प्रीमियम कर रही वापस
ऐसा ही मामला शुक्रवार को भी सामने आया है। प्रीमियम की रकम वापस आती देख किसान भी हैरान और परेशान है। वहीं कंपनी द्वारा इस तरह से वापस डाली गई किसानों के खाते में प्रीमियम की राशि को देख किसानों में भी रोष है। किसानों का कहना है कि वह इस संबंध में सोमवार को उपायुक्त सहित अन्य विभागों को शिकायत सौंपते हुए मुआवजे की मांग करेंगे।

वहीं किसानों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई सीधे तौर पर किसानों के साथ मजाक है, क्योंकि प्रीमियम के समय किसानों से पूछा भी नहीं जाता है और अब जब मुआवजे की बारी आ रही है तो कंपनी प्रीमियम की रकम वापस लौटाकर मुआवजे की राशि देने से अपना पल्ला छुड़वाना चाह रही है। परंतु मुआवजे की मांग को लेकर किसान अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह बोले किसान

हमारी धान की फसल करीब आधी खराब हो गई थी। फसल खराब होने के बारे में हमने मुआवजे की मांग की थी। इससे कि नुकसान की भरपाई की जा सके। परंतु यहां तो उलटा प्रीमियम ही किसानों के खातों में डाल दिया जा रहा है।
- त्रिलोचन शर्मा, किसान।

सरकार और कंपनी की ओर से हम किसानों के साथ इस तरह का मजाक किया जा रहा है। कंपनी मुआवजा देने की बजाय जो धान की फसल के समय प्रीमियम काटा गया था। उसे ही वापस करते हुए मुआवजा देने से पल्ला झाड़ रही है। जो कि पूरी तरह से गलत है।
- जसपाल सिंह, किसान।

प्रीमियम के समय तो कोई भी नहीं पूछता है। परंतु अब जब मुआवजा देने की बात आई तो प्रीमियम की रकम ही वापस कर रहे हैं। इससे कि मुआवजा देना ही नहीं पड़े और यह कह सके कि कंपनी ने प्रीमियम ही नहीं लिया है। हम इस संबंध में उपायुक्त को शिकायत सौंपेंगे।
-मेवा सिंह, किसान।

पिछले कई सालों से कंपनी द्वारा प्रीमियम काटा जा रहा है। जब किसानों ने मुआवजे की मांग नहीं की, तब तो कंपनी ने प्रीमियम की रकम वापस नहीं की। अब जब कंपनी को मुआवजे देने के बारे में कहा जा रहा है तो उन्होंने प्रीमियम ही वापस लौटा दिया। इस संबंध में अधिकारियों से जवाब मांगेंगे।
- गुरविंद्र सिंह, किसान।

इस संबंध मेरे संज्ञान में मामला आया है, इस संबंध में कंपनी से पूछा जाएगा कि आखिर यह क्या हुआ है। परंतु इसका फिजी नामक बीमारी से कोई भी लेना-देना नहीं है। अभी तो इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकता हूं।
- गिरीश नागपाल, जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें