भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के नेताओं और किसानों ने दशहरे पर्व पर रावण के रूप में दस मंत्रियों का पुतला फूंका। किसानों ने अपना यह गुस्सा सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस न लिए जाने के विरोध स्वरूप जाहिर किया।
सुबह करीब 10 बजे ही किसान लखनौर साहिब गुरुद्वारे के बाहर जुटने शुरू हो गए थे। 11 बजे उन्होंने मंत्रियों का पुतला फूंका और नारेबाजी की। यूनियन के जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह की अध्यक्षता में फूंके गए पुतले के बाद सभी किसानों ने गुरुद्वारे में माथा टेका। लखनौर साहिब में पुतला दहन को लेकर किसानों की ओर से पहले ही एलान कर दिया गया था। बाकायदा किसानों को सोशल मीडिया के जरिए मैसेज भी भेजे गए थे।
जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह ने बताया कि आंदोलन की अगली कड़ी में अब 18 अक्तूबर को शाहपुर में रेल रोक कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उनके अनुसार सरकार के भीतर रावण की तरह अहंकार पैदा हो गया है। यही कारण है कि सरकार बिना जनहित को देखते हुए फैसले लिए जा रही है। लेकिन अब किसान सरकार के इस अहंकार को खत्म करेंगे। जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तब तक किसानों का प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा। उधर, डीएसपी रामकुमार ने बताया कि मंत्रियों का पुतला फूंकने के मामले में फिलहाल किसी किसान व नेता पर केस दर्ज नहीं किया गया है।