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Ambala News: सरसों खरीद में रुचि नहीं दिखा रहे किसान, सरकारी की तुलना में बाजार के रेट अधिक

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शहजादपुर मंडी में गेट पास के सिस्टम का निरीक्षण करते डीएफएसओ निशांत राठी व अन्य। संवाद - फोटो : samvad
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जिले की 13 मंडियों में गेहूं की खरीद आज से पर बारदाना नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी

शहजादपुर। जिले में सरसों की खरीद में किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसका पहला कारण सरसों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकारी रेट की तुलना में बाजार के रेट अधिक हैं। वहीं दूसरी तरफ गेहूं की खरीद बुधवार से जिले की 13 मंडियों में शुरू होगी, मगर मंडियों में पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। अभी तक मंडियों में बारदाने की व्यवस्था ही नहीं है।
इसके साथ ही ढुलाई को लेकर भी आढ़तियों के पास स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि तिरपालें, पेयजल, कांटे आदि की व्यवस्था ठीक कर ली गईं हैं। सबसे बड़ी दिक्कत गेट पास पर आ सकती है। इस बार खरीद से पहले गेट पास मोबाइल एप से कटेगा। इसलिए खरीद में समय लग सकता है। हालांकि अंबाला में अप्रैल का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद ही किसान गेहूं मंडियों में लेकर आते हैं।
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सर्वेक्षक के न पहुंचने से सरसों की खरीद अटकी



मंगलवार को भी शहजादपुर मंडी में सरकारी सरसों की खरीद शुरू नहीं हो पाई। मार्केट कमेटी कार्यालय के अनुसार, किसान अवतार सिंह फसल लेकर मंडी पहुंचे। उनका गेट पास भी काटा गया लेकिन खरीद सर्वेक्षक की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। आखिर में किसान को फसल वापस ले जानी पड़ी। इसी बीच डीएफएसओ निशांत राठी ने मंडी की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने गेट पास कटने की प्रक्रिया की जांच करनी चाही लेकिन किसी किसान की फसल का सत्यापन न होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
डीएफएसओ ने बताया कि अब तक 609 एकड़ सरसों का सत्यापन हो चुका है। अगले दो दिनों में शेष कार्य पूरा कर लिया जाएगा। निशांत राठी ने बताया कि बुधवार से मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू होने वाली है। इसके लिए सभी प्रबंध पुख्ता किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बुधवार तक एजेंसी सर्वेक्षक मंडी में उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे सरसों की सुचारू खरीद संभव हो सकेगी।
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नारायणगढ़ में हो रही प्राइवेट खरीद



नारायणगढ़ में सरसों आ भी रही है तो किसान सरकारी रेटों में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण है कि सरसों की सरकारी खरीद 6000 रुपये में होनी तय हुई है। दूसरी तरफ आढ़ती 6005 से लेकर 6020 रुपये तक रेट लगाकर किसान से सरसों खरीद ले रहे हैं। यही कारण है कि नारायणगढ़ मंडी में मंगलवार को एक भी गेट पास नहीं कटा। वहीं दूसरी तरफ गेहूं की खरीद को लेकर हालात देखें तो अभी तक मंडी में बारदाना ही नहीं पहुंचा है। इसके साथ ही खरीद एजेंसी का न तो दफ्तर है और न ही कोई अधिकारी कर्मचारी बैठा है।
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