- उत्तर प्रदेश में दर्ज कराया झूठा मुकदमा, फिर मांगी रंगदारी, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। हरियाणा के पूर्व राज्य सूचना आयुक्त एवं उद्यमी अशोक मेहता से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने पर नारायणगढ़ थाने में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में उत्तर प्रदेश और ओडिशा के रहने वाले आरोपियों पर एक पुरानी फर्म का चेक चोरी कर उसे कूटरचित करने और एक करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी मामला बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अशोक मेहता (निवासी वार्ड नं. 15), जो कि रुबिकॉन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, ने उप-मंडलीय न्यायिक दण्डाधिकारी चेतेश गुप्ता की अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें चेक की चोरी और फर्जीवाड़ा की शिकायत दी गई थी।
शिकायत में बताया था कि वर्ष 2011 में स्थापित रूबिकॉन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (पार्टनरशिप फर्म) के पूर्व अकाउंटेंट संग्राम परिडा (निवासी भुवनेश्वर, ओडिशा) ने, फैक्टरी संचालन के दौरान मिलीभगत कर, फर्म का एक ब्लैंक चेक चोरी कर लिया।
आरोपी पंकज धींगड़ा और प्रियंका धींगड़ा (निवासी गांधी कॉलोनी, उत्तर प्रदेश) ने उस चोरी किए गए चेक पर 1 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी राशि भरकर मुजफ्फरनगर की अदालत में धारा 138 का झूठा और फर्जी मामला दर्ज करा दिया। जबकि प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का उस पुरानी पार्टनरशिप फर्म से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं, मुजफ्फरनगर अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में माल की फर्जी सप्लाई दिखाने के लिए जिन वाहनों के बिल/पंजीकरण नंबर दिए गए थे, वे आरटीओ रिकॉर्ड में अस्तित्वहीन पाए गए।
अगस्त 2025 के पहले सप्ताह में आरोपी पंकज धींगड़ा अपने साथियों के साथ नारायणगढ़ स्थित शिकायतकर्ता के आवास पर जबरन घुस गया और मामले को रफा-दफा करने के एवज में 25 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो उन्हें और उनके परिवार को उत्तर प्रदेश के गुर्गों से खत्म करवा दिया जाएगा।
अदालत का कड़ा रुख
शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे पहले पुलिस महानिदेशक अंबाला रेंज और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने प्रारंभिक जांच के नाम पर मामले को यह कहकर टालने की कोशिश की कि मामला उत्तर प्रदेश का है, इसलिए नारायणगढ़ पुलिस के पास अधिकार क्षेत्र नहीं है। अदालत ने पुलिस की इस दलील को खारिज करते हुए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब अपराध का एक हिस्सा (रंगदारी, धमकी और आपराधिक नारायणगढ़ की सीमा के भीतर हुआ है, तो पुलिस क्षेत्राधिकार से इन्कार नहीं कर सकती। इसके अलावा, एक वरिष्ठ नागरिक से चेक की हैंडराइटिंग, स्याही और फोरेंसिक साक्ष्य की उम्मीद खुद नहीं की जा सकती।
कार्रवाई में जुट पुलिस
एसडीजेएम चेतेश गुप्ता की अदालत के निर्देशों के बाद, थाना नारायणगढ़ में उत्तर प्रदेश निवासी पंकज धींगड़ा व प्रियंका धींगड़ा और पूर्व अकाउंटेंट, ओडिशा निवासी संग्राम परिडा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसएचओ ललित कुमार ने बताया कि पुलिस अब चेक के बैंक ट्रेल, एफएसएल फोरेंसिक जांच, डिजिटल कॉल्स और आरोपियों की धरपकड़ के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।