अंबाला। कैंट रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट घर से बुकिंग सुपरवाइजर के पास मिले नकली नोट के मामले की जांच काफी धीमी चल रही है जबकि घटना को एक माह से अधिक का समय बीत गया है और जीआरपी के हाथ बिल्कुल खाली हैं।
इस मामले को लेकर जीआरपी ने एक बार फिर शिकायतकर्ता से संपर्क साधा है ताकि वह जल्द से जल्द जांच में शामिल हो और फिर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ आगामी जांच आरंभ की जा सके, अन्यथा जीआरपी की टीम दोबारा बिहार जाएगी और फिर शिकायतकर्ता को जांच में शामिल करने के लिए अपने साथ लेकर आएगी, अगर इसके लिए कोर्ट की अनुमति की जरूरत होगी तो वह भी ली जाएगी।
शिकायतकर्ता आया और न आरोपी : नकली नोट के मामले में जीआरपी ने तीन दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी, इसके बाद आरोपी रेल कर्मचारी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भी दिए गए, लेकिन वो जांच में शामिल नहीं हुआ। इस दौरान जीआरपी शिकायतकर्ता के बयान लेने के लिए बिहार गई, लेकिन यहां भी शिकायतकर्ता नहीं मिला, मात्र नोटिस देकर जीआरपी की टीम बैरंग अंबाला लौट आई, इसके बाद फोन पर भी दो से तीन बार संपर्क साधा गया, लेकिन शिकायतकर्ता नहीं आए।