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ईओ ने पेश किया बैठक में सफाई का रिपोर्ट कार्ड, पार्षदों ने सवाल उठाते हुए किया हंगामा

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EO presented the report card of cleanliness in the meeting, the councilors created a ruckus raising questions - फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। नगर निगम आयुक्त के निर्देशों पर निगम के ईओ जरनैल सिंह ने वीरवार को पार्षदों के साथ की पहली बार बैठक की। इस बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सफाई व्यवस्था के अलावा महिला पार्षदों के स्थान पर उनके पति के पहुंचने का मुद्दा भी बैठक में जमकर गूंजा। इस पर भी खूब हंगामा हुआ। बैठक में पार्षद विजय चौधरी, हितेष जैन, शोभा सिंह पूनिया, यतिन बंसल, राणो देवी सहित कुल छह पार्षद नहीं पहुंचे थे। बैठक सुबह साढ़े बजे से दो बजे तक चली।
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बैठक में सैनिटेशन ब्रांच द्वारा किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड ईओ जरनैल सिंह ने पार्षदों के समक्ष रखा। जिसे पार्षदों ने सिरे से नकारते हुए सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। पूछा कि आखिर कौन इसकी निगरानी कर रहा है? इस पर ईओ ने जवाब दिया कि मुख्य सफाई निरीक्षक अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ जाकर समयानुसार मौके का मुआयना करते हैं। पार्षदों ने सवाल करते हुए कहा कि कर्मचारी हमेशा वो ही जगह दिखाते हैं जहां सफाई की होती है। ऐसे में जब भी अधिकारी वार्ड का दौरा करने आएं तो पार्षद को जानकारी दी जाए। इस दौरान आए हुए सभी पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की कमी का रोना रोते हुए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। इस पर ईओ जरनैल सिंह ने बताया कि हमारे पास इस समय 512 कर्मचारी कार्यरत हैं और इन्हीं कर्मचारियों को जनसंख्या के हिसाब से आवंटित कर दिया है।
ईओ से पूछा पार्षदों को बुलाया है या उनके पति को...
इस बैठक मेें तीन पार्षदों की जगह उनके पति पधारे हुए थे। एक पार्षद के पति अपनी पत्नी के साथ विराजमान थे। पांचवीं पार्षद के तो ससुर ही बैठक में हिस्सा लेने पहुंच गए। यह देख भाजपा की वार्ड नंबर पार्षद भड़क गईं। बैठक ले रहे ईओ जरनैल सिंह से पूछा कि इस बैठक में पार्षदों को बुलाया गया है या फिर उनके पति को? जिसका जवाब ईओ ने देना सही नहीं समझा और बैठक की कार्रवाई जारी रखते हुए अगले मुद्दे पर बढ़ गए।
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वार्ड नंबर 3 के पार्षद ने बैठक में अधिकारियों को सुनाई खरी-खरी
सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड-3 के पार्षद मनीष आनंद ने ईओ को घेरे में लेते हुए पूछा कि क्या खतौली गांव में बना डेयरी कांपलेक्स वार्ड नंबर तीन का है या पूरे शहर का है। ईओ ने जवाब दिया कि पूरे शहर का। पार्षद ने दूसरा सवाल दागा। पूछा तो फिर क्यों मेरे वार्ड के सफाई कर्मचारियों को डेयरियों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है? ईओ ने कहा कि हम जल्द ही डेयरी कांप्लेक्स के लिए नया टेंडर लगाने जा रहे हैं। इसके बाद आनंद ने पूछा कि क्या आज तक आपने गांव मंडौर के श्मशान घाट को जाकर देखा है? वहां के क्या हालत हैं? पार्षद ने कहा कि श्मशान घाट में पानी भरा है। ईओ ने कहा कि यह काम एमई ब्रांच का है। पार्षद ने पूछा तो एमई ब्रांच के जिम्मेवार अधिकारियों को बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया?
कुत्तों के आतंक पर काबू पाने में विफल रहा नगर निगम
कुत्तों के बढ़ते आतंक पर वार्ड नंबर 8 के पार्षद के पति सुरेंद्र ढींगरा व वार्ड नंबर 10 के पार्षद ने निगम अधिकारियों से सवाल किया तो ईओ ने बताया कि हमने पहले वाले ठेकेदार को ही तीन महीने के लिए ठेका जारी कर दिया है। इस पर पार्षद मिथुुन वर्मा ने पूछा कि आखिर कब ठेका जारी हुआ और कब तक ठेकेदार काम शुरू कर देगा। इस पर ईओ ने जवाब दिया कि काम शुरू हो चुका है। ईओ का जवाब सुनते ही मिथुन वर्मा ने कहा कि जरनैल सिंह ठेकेदार अभी सिरसा में ही बैठा है और आप कह रहे हैं कि काम शुरू हो गया है। इस पर ईओ ने कहा कि वह सिरसा से गाड़ी में सामान लेकर जैसे ही आएगा काम शुरू हो जाएगा। इस पर एक बार फिर पार्षद मिथुन वर्मा ने ईओ से कहा कि ठेका जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया क्यों? ईओ ने जवाब दिया कि जिस दिन से ठेकेदार काम शुरू करेगा उस दिन से तीन महीने का समय ठेकेदार को दिया जाएगा।
निगम के कर्मचारी ही कर रहे सूअर पालन का काम
पूर्व मेयर रमेशमल बैठक में पुत्रवधू मोनिका मल की ओर से बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। बैठक में उन्होंने गलियों व शहर में घूम रहे सुअरों का मुद्दा उठाया तो ईओ ने कहा कि हम सुअरों को पकड़ने का ठेका जारी करने वाले हैं। इसके बाद सुअरों की समस्या से निजात मिल जाएगा। इस पर रमेश मल ने कहा कि निगम के कुछ कर्मचारी ही सुअरों के मालिक हैं और सूअर पकड़ने का ठेका भी उन्हीं को नगर निगम दे रहा है। जो कि मिलीभगत का नतीजा है। क्यों न इस बार सूअर पकड़ने का ठेका किसी बाहरी व्यक्ति को दिया जाए। इस पर ईओ ने कहा कि हमने अपने सभी कर्मचारियों को आदेश दे दिए हैं कि या तो नौकरी कर लो या फिर सूअर ही पालन ही कर लो।
हमने तो पार्षदों को बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था। फिर भी अगर उनके प्रतिनिधि आ गए तो कोई बात नहीं। यह तो सफाई व्यवस्था को लेकर बुलाई गई बैठक थी इसमें तो कोई भी शहरी आ सकता है।
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- जरनैल सिंह, ईओ नगर निगम अंबाला।
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