अंबाला सिटी। पिछले सत्र के मुकाबले राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। नामांकन बढ़ने के साथ आधार कार्ड असैा परिवार पहचान पत्र के बिना ऑफलाइन दाखिले भी चिंता का कारण बन रहे हैं।
पहली से आठवीं कक्षा तक राजकीय स्कूलों में ऑफलाइन दाखिले किए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों के साथ ही विभाग की चिंता भी बढ़ रही है। ज्यादातर समस्या प्रवासी लोगों के बच्चों को आ रही है। शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक सभी मौलिक कक्षाओं में पिछले वर्ष की तुलना में नामांकन बढ़ गया है। यही नहीं पिछले वर्ष आठवीं में पढ़ने वाले सभी सात हजार 511 बच्चों का दाखिला भी नौवीं कक्षा में हो गया है।
इसी तरह पिछले वर्ष कक्षा 9 में पढ़ने वाले 7 हजार 562 बच्चों में से 6 हजार 509 बच्चों ने ही दसवीं कक्षा में दाखिला लिया है। इसी तरह पिछले वर्ष में कक्षा 11वीं में पढ़ने वाले 7 हजार 301 बच्चों में से 6 हजार 843 बच्चों ने ही 12वीं कक्षा में दाखिला लिया है। 11वीं कक्षा में अभी केवल प्रोविजनल दाखिले किए जा रहे हैं। इस कक्षा में नामांकन की वास्तविक छात्र संख्या दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम की घोषणा के बाद ही पता लग पाएगी।
अधिकारियों ने बताए नामांकन बढ़ने के कारण
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि मौलिक कक्षाओं में छात्र संख्या बढ़ने का कारण निपुण हरियाणा मिशन कार्यक्रम, गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिकंजा कसना, राजकीय स्कूलों में न्यूट्रीशियन गार्डन स्थापित करने, शिक्षकों की कमी के बावजूद करीब 40 जीरो शिक्षक स्कूलों में स्थानीय स्तर पर अध्यापकों का समायोजन कर व्यवस्था तैयार करने का प्रयत्न किया गया। जिले के 200 एकल-शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को बहु-कक्षा शिक्षण का प्रशिक्षण प्रदान किया। जिससे वह एक ही समय में एक से अधिक कक्षाओं के बच्चों का शिक्षण सुचारू रूप से कर पाएं और बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा दे पाएं। आरटीई नियम के तहत भी निजी स्कूलों में दाखिले होने हैं। जिले में नर्सरी विंग और पहली कक्षा में दाखिले लेने के लिए एक हजार 865 आवेदन पहुंच गए हैं। अब इसमें दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी।
खंड आवेदन आए
अंबाला वन 707
अंबाला टू 342
बराड़ा 322
नारायणगढ़ 197
शहजादपुर 152
साहा 145
कुल 1865