अंबाला शहर के नगर निगम जोन दफ्तर में मंगलवार को कर्मचारियों जमकर बवाल काटा। मेयर के सामने ही कर्मचारी मांगों को लेकर ईओ रोहताश बिश्नोई से भिड़ गए।
मेयर ने हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को शांत करवाने का प्रयास किया। मेयर ने इस बाबत डीसी से बात की। डीसी ने एक माह के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए।
काम करवाया बंद, लोग परेशान
मंगलवार को हड़ताल का नोटिस नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने 11 सितंबर को ही दे दिया था। सुबह कार्यालय तो लगा। लेकिन नगर निगम कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने सारा कार्यालय खाली करवाया और सभी कर्मचारियों को लेकर गेट पर पहुंच गए।
सफाई कर्मियों ने शहर में सफाई का काम ठप कर दिया और क्लर्कों ने काम बंद कर दिया। सभी कर्मचारी नगर निगम परिसर में ही एकत्रित हो गए और नारेबाजी करने लगे। उधर, नगर निगम में अपने कामों को लेकर आए लोग हाथों में दरखास्त और अन्य कागज लेकर विभागों में भटकते रहे। मगर कर्मचारियों ने हड़ताल होने की बात कहकर लोगों को टरका दिया।
इसलिए हुआ हंगामा
हालांकि कर्मचारी अपना प्रदर्शन गेट पर इकट्ठा होकर आराम से करना चाहते थे। इसलिए कर्मचारियों ने सुबह से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। गेट पर काला झंडे और माइक लगवाया गया।
कर्मचारी प्रधान प्रदीप मचल, संतराम सौदा और राजेंद्र कुमार के अनुसार एमई गोपाल कलावत ने कर्मचारियों को काला झंडा उतारने के निर्देश दिए थे।
इसी बात को लेकर कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों ने माइक पर ही निगम में घुस रहे अफसरों की गाड़ियों के आगे आकर तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। उसके बाद कर्मचारियों ने मेयर के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी और जमकर हंगामा करते रहे।
अफसरों पर तंग करने का आरोप
हंगामे और कर्मचारियों को शांत कर ने के लिए निगम अफसरों ने जब कोई मांग नहीं की तो मेयर रमेश लाल मल ने कर्मचारी नेताओं को अपने कमरे में बुलाया और उनकी बात सुननी चाही।
मगर कर्मचारियों ने कहा कि पहले वे निगम के अफसर भी यहां तलब कर लें, तभी बात शुरू होगी, वरना ये हड़ताल अनिश्चितकालीन चलेगी। मेयर ने तुरंत ईओ, अकाउंटेंट, एमई व अन्य अफसरों को तलब कर लिया। उसके बाद कर्मचारियाें ने अफसरों पर कर्मचारियों के काम न करने आरोप लगाया और उनका बकाया दबाकर उन्हें तंग करनी बात कही।
बहसबाजी काफी हो गई और मेयर के सामने ही ईओ के साथ कर्मचारी भिड़ गए। मगर मेयर ने डीसी से बात करके कर्मचारियों को शांत किया। इस अवसर पर कर्मचारी नेता बालकृष्ण, राजेंद्र मेहता इत्यादि कर्मचारी उपस्थित रहे।
यूं हुआ टकराव
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों एलटीसी का बकाया अरसे से पेडिंग पड़ा है, अफसर जानबूझकर इसे दबा रहे हैं। इस पर ईओ बोले मेरी कोई कर्मचारियों से दुश्मनी है, पैसा आएगा तभी दूंगा एलटीसी
-कर्मचारियों ने कहा कर्मचारी के किसी कागज पर साइन नहीं करते ईओ। इस पर ईओ बोले, मेरे से ऊपर ज्वाइंट कमिशनर और कमिशनर है, वहां जाकर साइन करवा लें कर्मचारी
-कर्मचारियों ने कहा कि मैरिज लोन व बैंक लोन के लिए कर्मचारियों की फाइल सेक्शन नहीं करते ईओ। ईओ बोले बिना कमिशनर द्वारा अधिकृत किए मैं साइन नहीं करूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए
-कर्मचारी बोले, अफसरों का व्यवहार निगम के मेयर के खिलाफ कर्मचारियों को उकसाता हैं, इस पर ईओ बोले, ये आरोप निराधार है।
-इसके अलावा कई मुद्दों पर कर्मचारियों और ईओ में तकरार चलती रही और मेयर शांत करवाते रहे।
मोहित धुपड़