वन्दे मातरम दल बना मसीहा
इस हृदयविदारक स्थिति की सूचना मिलते ही वन्दे मातरम दल संस्था की टीम सक्रिय हुई। दल के सदस्यों ने न केवल बुजुर्ग महिला को इस नर्क से रेस्क्यू किया, बल्कि उन्हें तत्काल लुधियाना स्थित मनुखता दी सेवा सब्ब तो बड़ी सेवा आश्रम पहुंचाया। अब बुजुर्ग महिला गुरप्रीत सिंह के संरक्षण में सुरक्षित हैं, जहां उन्हें इलाज और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है। वंदे मातरम दल के फाउंडर भरत ने बताया कि अगर हमारे बुजुर्ग इस तरह बंद कमरों में सड़ते रहेंगे और हम चुप रहेंगे, तो समझ लेना चाहिए कि हमारी मानवता मर चुकी है। आज हम नहीं जागे, तो कल यही कहानी हमारी भी हो सकती है। मनुखता दी सेवा ही सब्ब तो बड़ी सेवा आश्रम में फिलहाल 850 से अधिक ऐसे ही लाचार लोगों की सेवा की जा रही है, जिन्हें समाज ने ठुकरा दिया था।