अंबाला सिटी। मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है, लेकिन एजेंसियों को उसकी लिफ्टिंग करवाने के लिए कड़ी मश्क्क्त करनी पड़ रही है। इधर गेहूं के भुगतान को देखा जाए तो अभी तक के खरीद के अनुसार एजेंसियों को 423 करोड़ 79 लाख रुपए देने है। इसमें से एजेंसियों ने अभी तक 141 करोड़ 52 लाख रुपये का ही भुगतान किया है।
लगभग 77 प्रतिशत का भुगतान अभी भी बाकी है। उठान में और अधिक देरी हुई तो किसानों को भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। एजेंसियों के पास गोदामों में गेहूं को उतारने के लिए श्रमिकों की संख्या बहुत कम हैं। ऐसे में उठान का स्तर वहीं का वहीं रह गया है।
हैफेड डीएम अमित कुमार ने बताया कि उठान में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के लिए ठेकेदारों को नोटिस दिया गया है। इससे उठान में तेजी हो सके। इधर मौसम भी बार बार बदल रहा है। ऐसे में अगर बारिश हुई तो एजेंसी के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
चार लाख क्विंटल की हुई खरीद, उठान सिर्फ एक लाख 62 हजार
अभी तक एजेंसियों की ओर से 18 लाख 62 हजार 833 क्विंटल की खरीद कि गई है। इसमें से 743071 क्विंटल की लिफ्टिंग हो चुकी है। शहर नई अनाज मंडी की बात करें तो तीन लाख 77 हजार 240 क्विंटल गेहूं हैफेड ने खरीदा है तो वहीं 76 हजार 210 क्विंटल गेहूं खाद्य आपूर्ति विभाग ने खरीदा है।
इस प्रकार शहर अनाज मंडी में चार लाख 53 हजार 450 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से अभी तक दोनों एजेंसियों की ओर से सिर्फ 162440 क्विंटल का उठान ही हुआ है। उठान में देरी के कारण आढ़तियों को भी गेहूं रखने में परेशानी हो रही है। गेहूं की आवक बढ़ रही है लेकिन जगह कम हो रही है।
उठान को देखते हुए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को लेकर ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। उठान को लेकर स्पेशल ट्रेन भी लगाई जाएगी। जिससे उठान में तेजी आए।
अमित कुमार, डीएम हैफेड, अंबाला
शहर नई अनाज मंडी में पड़ी गेहूं की बोरियां। संवाद