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Ambala News: मच्छरों की ब्रीडिंग डेंसिटी घटने से 10 वर्षों में दो तक पहुंचा मलेरिया

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अंबाला सिटी। जिला में बीते 10 वर्षों से मलेरिया के मामले लगातार घटते नजर आ रहे हैं। इस मुख्य कारण मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की वैक्टर डेंसिटी कम होना है। बीते 10 वर्षों से डेंगू व अन्य मच्छरों की तादाद बढ़ती जा रही है। जबकि मलेरिया के मच्छरों की संख्या कम हो रही है। यही कारण है कि मलेरिया के मामले भी करीब दो आ रहे हैं। बीते वर्ष ही मलेरिया के दो मामले देखने को मिले थे। जबकि इससे पहले यह आंकड़ा एक या शून्य ही रहा है। बीते 10 वर्षों में अभी तक 243 मामले ही मलेरिया के देखने को मिले हैं। संवाद
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रोजाना बन रही स्लाइड
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों से होने वाली बीमारियों को लेकर रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों में सात से आठ हजार स्लाइड बनाई जा रही है। जिसके आधार पर रैपिड टेस्ट करवाए जाते हैं। जिससे अगर किसी मरीज में मलेरिया के लक्षण देखने को मिले तो पता लगाया जा सके। वहीं आशाओं द्वारा जागरूकता और एंटी लारवा अभियान भी चलाया जा रहा है। वहीं सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले बुखार के मरीजों का रैपिड टेस्ट जरूर करवाया जा रहा है। जिसके लिए प्रत्येक केंद्र को 700 से 800 रैपिड किटें भी वितरित कर दी गई हैं।
निर्माण प्रणाली का बदला स्वरूप
डॉ सुनील हरि ने बताया कि मलेरिया का मच्छर गंदे पानी में पनपता है। इसलिए विभाग की ओर से प्रत्येक सप्ताह सूखा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले की तहत अब निर्माण सामग्री में पानी का इस्तेमाल खुले तौर पर नहीं किया जाता है। अब टैंकर के माध्यम से ही निर्माण सामग्री में पानी डाला जाता है। इसलिए मच्छरों की तादाद कम हो सकती है।
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बीते 10 वर्षों में इतने आए मलेरिया के मरीज
2015 112
2016 81
2017 35
2018 5
2019 7

2020 0

2021 0

2022 0

2023 1

2024 2
मलेरिया दिवस पर होंगे कार्यक्रम
डाॅ सुनील हरि ने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस को लेकर शुक्रवार को प्रत्येक केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनमें सरकारी स्कूलों के बच्चे विभिन्न प्रस्तुति देंगे। जिसमें बच्चे पेंटिंग प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, डांस प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। इसके साथ ही बच्चों को अपने क्षेत्र में सफाई रखने के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
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