संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नशे की कमर तोड़ने के लिए पुलिस प्रशासन की तरफ से जिले के 242 गांव व 37 वार्ड, कॉलोनियों को नशा मुक्त करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ जगह यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। तीन माह पहले जिन गांव को नशा मुक्त घोषित किया गया, वहां पर जब आईजी की विशेष टीम ने दौरा किया तो 46 गांवों व कैंट व सिटी की कॉलोनियों व वार्ड में यह दावे खोखले दिखाई दिए। इन जगह पर अभी भी लोग युवकों द्वारा नशा करने व नशा आने की बात बोल रहे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए इन गांव को दौरान से नशा मुक्त करना चुनौती बन गया है।
50 गांव व 24 वार्ड में से 46 में पाया गया था नशा, लोग नहीं आ रहे सामने
आईजी पंकज नैन के निर्देशानुसार एनडीपीएस सैल की टीम ने जिले के 50 गांव, 24 वार्ड का दौरा किया था। एक अगस्त को इसकी रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई थी। बताया था कि 46 एरिया में अभी भी नशा है। इसकी एक रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मधुबन करनाल में भी भेजी गई थी। टीम में शामिल मुलाजिमों का कहना है कि नशा तो है लेकिन लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। एक दूसरे के गांव में नशा होने की बात बोल रहे हैं।
जागरूकता कार्यक्रम व खेलों के जरिये युवाओं का साध रहे निशाना
एनडीपीएस अंबाला की टीम ने 46 गांव, वार्ड व कॉलोनियों को चयनित कर लिया है। समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम व खेलों के माध्यम से युवाओं का पहुंचा जा रहा है ताकि उन्हें जागरूक किया जा सके। साथ ही इस अभियान को कारगर बनाने के लिए पुलिस मुलाजिम व डीएसपी लैवल के अधिकारी भी मैदान में उतरकर ग्रामीणों व लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि नशे के फैल जाल को खत्म किया जा सके।