अंबाला। हरियाणा के युवाओं की नसों में नशा घोलने का काम कर रहे तस्कर सीमावर्ती राज्यों से सप्लाई कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि इसमें पंजाब से एक-दो प्रतिशत जबकि बिहार, झारखंड, दिल्ली, राजस्थान के रास्ते हरियाणा में अधिक नशा आ रहा है।
इस नैक्सस को तोड़ने के लिए अंबाला पुलिस ने पिछले वर्ष जो सख्ती से कार्रवाई की थी। इस साल उसे और तेज कर दिया है। इस साल चार महीनों में ही अंबाला पुलिस ने 66 से अधिक मामले नशे के पकड़े हैं। जो पिछले साल की तुलना में दोगुना से भी अधिक है। सिर्फ यही नहीं बल्कि इस बार नशे की कॉमर्शियल खेपों पर अंबाला पुलिस ने ध्यान दिया है।
इस साल लगातार नशे की कॉमर्शियल डिलीवरी को पकड़ा गया है। इसमें पुलिस को नशे के नेटवर्क के कई चौकाने वाले राज भी पता लगे हैं। इसमें सामने आया है कि कि सूखा नशा ही नहीं, बल्कि कैप्सूलों के माध्यम से नशे का कारोबार काफी चल रहा था।
पिछले वर्ष से तुलनात्मक नशा कारोबार
नशे का नाम- 2021- 2022
कुल मामले- 91- 142
अफीम- 11 किलो 487 ग्राम- 18 किलो 374 ग्राम
चरस- 212 ग्राम- 233 ग्राम
चूरा पोस्ट- 1 क्विंटल 5 किलो 960 ग्राम- 17 क्विंटल 41 किलो 782 ग्राम
गांजा- 23 किलो 474 ग्राम- 29 किलो 927 ग्राम
हेरोइन- 1 किलो 212 ग्राम- 5 किलो 474 ग्राम
नशे के इंजेक्शन- 213- 950
नशे की गोलियां- 35000- 65000
कुल गिरफ्तार- 116- 182
इस साल नशा तस्करों पर यह रही प्रगति
बीते चार महीनों में 66 मामले नशा तस्करी के दर्ज किए गए हैं। जिसमें 105 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। वर्ष 2022 की तुलना में यह 60 प्रतिशत से अधिक गति से यह कार्रवाई हुई है। पिछले वर्ष चार महीनों में सिर्फ 35 मामले पकड़े थे। इस बार 12 कॉमर्शियल क्वांटिटी की खेपों को पकड़ा है। इसमें गांजा, चूरापोस्त, नशीली गोलियां, अफीम आदि शामिल है। इसमें पड़ाव क्षेत्र में और नारायणगढ़ क्षेत्र में भी हाल ही में कामर्शियल क्वांटिटी के नशा को पकड़ा है।
सरकारी ट्रांसपोर्ट को बनाया निशाना
पिछले दिनों पकड़ी नशे की खेपों से सामने आया कि नशा तस्कर और विक्रेता सरकारी उपक्रमों को भी अपना ठिकाना बना रहे हैं, जिससे से किसी को शक न हो। इसी के तहत पिछले दिनों अंबाला छावनी के बस स्टैंड पर बूथ पकड़ा था, जिसमें मां बेटी नशे की सप्लाई करती थीं। इसके साथ ही ट्रेनों और सरकारी बसों के माध्यम से नशे की सप्लाई के मामले अंबाला सीआईए पकड़ चुकी है।
कौन सा नशा किस राज्य से आ रहा
स्मैक - दिल्ली
चरस, गांजा- हिमाचल, झारखंड व बिहार
अफीम- राजस्थान और बिहार
नशे के कैप्सूल और गोलियां- उत्तर प्रदेश
नोट : ये आंकड़े पुलिस ने जांच में पाए।
अब तस्करों की संपत्ति होगी अटैच
अब अंबाला पुलिस नशे पर लगाम लगाने के लिए नशा तस्करों की संपत्ति अटैच करने जा रही है। इसमें पांच अपराधियों की पहले और पांच और अपराधी चिह्नित किए हैं। यह वह लोग हैं जो अंबाला में कॉमर्शियल क्वांटिटी में नशा की तस्करी कर रहे हैं।
पुलिस के लिए यह है चुनौती
पुलिस के लिए जीटी रोड बेल्ट पर चुनौती है कि अगर उन्हें अपने मुखबिरों से सूचना मिल जाए तो वह नाका लगाकर पकड़ लेते हैं। मगर जीटी रोड बेल्ट पर लगातार प्राइवेट वाहन गुजरते रहते हैं ऐसे में हर किसी को जांचना काफी मुश्किल है। अगर हर वाहन को चैक किया तो लोग परेशान होंगे। ऐसे में पुलिस मुखबिर नेटवर्क को मजबूत किए हुए है।
नशा तस्करों को पकड़ने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है। हमने इस साल 12 कॉमर्शियल क्वांटिटी के केस पकड़े हैं। इसमें बिहार और झारखंड से भी नशा सप्लाई होता मिला। बड़ी मात्रा में नशा मंगाने वालों को चिह्नित कर लिया है, जिनकी संपत्ति अटैच की जाएगी -जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी, अंबाला