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Ambala News: राजपुरा-बठिंडा रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण, पटियाला यार्ड का काम पूरा

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अंबाला। राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन पर दोहरीकरण कार्य के तहत पटियाला रेल यार्ड का कार्य पूरा हो गया है। अब धूरी यार्ड का कार्य शुरु कर दिया गया है जोकि आगामी दो से तीन माह में पूरा हो जाएगा। यह कार्य पूरा होते ही ट्रेनें दो अलग-अलग रेल लाइन पर आवागमन कर सकेंगी। इससे बार-बार मार्ग बाधित होने की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।
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लगभग 173 किमी लंबे राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन इलेक्ट्रानिक प्रणाली से लैस हो गया है। इस पूरे सेक्शन पर ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए गए हैं जोकि ट्रेन के संचालन में काफी कारगर साहिब होंगे। वहीं सफर करने में साढ़े तीन घंटे का समय लगता है जोकि 40 से 45 मिनट कम हो जाएगा। वहीं नई ट्रेनों के संचालन को लेकर भी रुपरेखा तैयार हो सकेगी और मौजूदा समय में चल रही ट्रेनों की गति में भी वृद्धि हो सकेगी।
2500 करोड़ की परियोजना
अंबाला मंडल के अधीन आने वाले राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य वर्ष 2019 में शुरु किया गया था। लगभग 2500 करोड़ रुपये की परियोजना पर कुल 173 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण किया गया है। कोरोना के कारण काम इस सेक्शन पर लगभग दो साल तक कार्य लंबित रहा था जोकि 2025 में पूरी तरह से सिरे चढ़ जाएगा। हालांकि इस पूरे रेल सेक्शन का मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त दौरा कर चुके हैं और उन्होंने ट्रेनों के संचालन को लेकर अनुमति भी प्रदान कर दी थी।
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मौजूदा समय में ट्रेनों का संचालन

मौजूदा समय में अंबाला कैंट से बठिंडा के बीच छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है जो कि दोनों दिशाओं में आवागमन कर रही हैं। इसमें 14887 ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस, 14525 अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर इंटरसिटी, 14736 अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस, 04547 अंबाला कैंट-बठिंडा, 14507 दिल्ली-फाजिल्का और 14816 ऋषिकेश-श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं।
राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन के दोहरीकरण कार्य के लिए पटियाला यार्ड और धूरी यार्ड में इंटरलॉकिंग कार्य किया जाना बेहद जरूरी था। इसमें पटियाला यार्ड का कार्य तय समय में पूरा कर लिया गया है और इस पर ट्रेनों का संचालन भी शुरु हो गया है। वहीं धूरी यार्ड का कार्य चल रहा है जोकि आगामी दो से तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पूरा रेल सेक्शन पर बिना किसी रुकावट के ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।
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एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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