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देनदारी से परेशान क्लर्क ने सल्फास की गोलियां खाकर दी जान

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देनदारी से परेशान होकर स्टेशन हेड सब एरिया के अकाउंट क्लर्क बिजेंद्र सिंह ने गेहूं में रखने वाली सल्फास की गोलियां खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। हालत गंभीर होने पर उसे ट्रामा सेंटर लाया गया जहां से उसे चंडीगढ़ रेफर किया गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उसके पास से मिले सुुसाइड नोट के आधार पर 18 लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद मिले शव का दाह संस्कार कर दिया गया। पत्नी सुनीता के बयानों पर सदर पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी की।
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आनंद नगर की सुनीता के अनुसार उनके पति बिजेंद्र सिंह कैंट स्टेशन सेल एचक्यूपीएच सब एरिया में अकाउंट क्लर्क थे। उसके पास 17 साल का बेटा रीतिक और 15 साल की बेटी शालू है। लॉकडाउन में वे कुछ लोगों का ब्याज और पैसा नहीं दे पा रहे थे। इसी वजह से लोग उन्हें परेशान कर घर में आकर धमकाने लगे कि उसके बच्चों को उठाकर ले जाएंगे। दफ्तर में परेशानी बढ़ने पर उनके अधिकारियों ने लेनदारों को वहां आने से मना कर दिया तो लोग घर आने लगे।
पूरा परिवार चला गया था जींद, पीछे से लगा दिए लोगों ने ताले
सुुुनीता के मुताबिक बिजेंद्र के परेशान रहने के कारण वह डॉक्टरों की सलाह पर पूरे परिवार के साथ मायके जींद चली गई। एक माह वहां रही। उसी दौरान पता चला कि आनंद नगर के हरपाल सिंह, सन्नी और संतोष रानी ने उनके घर पर ताले लगा दिए हैं। लौटने पर ताले तोड़कर भीतर प्रवेश किया। तीनों घर पर कब्जा करना चाहते थे। 11 जनवरी को परिवार घर पर था। दफ्तर से घर आए बिजेंद्र ने बताया कि दो लोगों ने उसे बहुत परेशान किया। ऐसा कहकर वे जोर-जोर से रोने लगे। वे किसकी बात कर रहे थे पता नहीं।
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शाम करीब पांच बजे 12 क्रॉस रोड वासी बाबू और दो आदमी कार में आए। बिजेंद्र उनसे कार में बैठकर बात कर रहे थे। उनके जाने के बाद वह ज्यादा परेशान हो गए, रात का खाना भी नहीं खाया। सुनीता के अनुसार एक साल से उसके जेठ का लड़का सचिन उनके साथ रहता है। वह भी स्टेशन हेडक्वार्टर में ठेकेदार के पास काम करता है। वह भी घर पर ही था। बिजेंद्र ने सभी से कहा कि उस पर देनदारी ज्यादा हो गई है। लोगों के पैसे नहीं दे पा रहा हूं। रात करीब 12 बजे जब सुनीता परिवार के साथ लेटी थी। उल्टी की आवाजें सुनकर जागी तो बिजेंद्र के मुंह से सल्फास की बदबू आई। सुनीता के अनुसार उसके जीजा मस्तान ने बताया कि बिजेंद्र ने बाबू से खतरा बताते हुए समझाने को कहा था।
इन लोगों पर किया है केस दर्ज
बिजेंद्र के बैग से मिले दो सुसाइड नोट में अशोक कुमार, कृष्ण कुमार, रामपाल, सीताराम, बलबीर सिंह, लालाराम, सुलतान सिंह, विवेक सिंगला, बंटी सरदार, मोनू तोपखाना, राजबीर, रामशंकर और बलकार सिंह करनाल, शहजादपुर के गुरमीत सिंह बाबू, आनंद नगर के हरपाल सिंह, सन्नी और संतोष को अपनी मौत का कारण बताते हुए गेहूं में रखी सल्फास की गोलियां खा लीं।
मृतक की पत्नी के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर कुल 18 लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। अभी मामले की तफ्तीश की जा रही है, उसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।
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-विजय कुमार, इंस्पेक्टर कैंट थाना।
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