अंबाला। छावनी विधानसभा क्षेत्र में बनाई जा रहे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में रोगों का परीक्षण होगा और इन पर अनुसंधान भी किया जाएगा। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए सीपीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से काम की जानकारी ली।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रयोगशाला के लिए चार एकड़ जमीन दी है, जिससे कि परीक्षण के साथ-साथ रोगों पर अनुसंधान हो सके। लगभग 17 करोड़ की लागत से ये प्रयोगशाला बन सके। यहां सभी वैज्ञानिक बैठेंगे। हरियाणा सहित आसपास के सात राज्यों के विभिन्न रोगों से संबंधित परीक्षण यहां हुआ करेंगे। मरीजों को दिल्ली या पुणे की प्रयोगशाला में नहीं जाना पड़ेगा। इसके बनने से प्रदेश के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तरी पूर्वी के लोगों को फायदा होगा।
प्राथमिक चरण का काम प्रगति पर
ऊर्जा और परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रयोगशाला निर्माण के प्राथमिक चरण के तहत यहां पर कार्य चल रहा है जोकि जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद यहां चार एकड़ में मुख्य बिल्डिंग बननी है। एनसीडीसी के प्रावधानों के तहत लैब बनाई जाएंगी और सीपीडब्ल्यूडी इस पर कार्य कर रही है। परियोजना के तहत विज ने प्राथमिक चरण के कार्य पूरा होने की जानकारी ली। इसके अलावा यहां पर जो अन्य कार्य किए जाने हैं, उनकी भी जानकारी हासिल की।
नई बीमारियों का लगेगा पता
एनसीडीसी शाखा में इबोला वायरस रोग (2014), महामारी इन्फ्लुएंजा ए एच 1 एन 1 (2009-10), सार्स प्रकोप जैसी नई संक्रामक बीमारियों का पता लगाने, नियंत्रित करने और रोकने में मदद करेंगी। शाखा में डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और ई, चिकनपॉक्स और खसरा आदि जैसी हवा, पानी और खाद्य जनित बीमारियों के प्रकोप का पता लगाने, इलाज करने और रोकने का कार्य होगा।
प्रत्येक फ्लोर पर सुविधाएं
भूतल पर रिसेप्शन, वेटिंग एरिया रूम, लॉबी, कांफ्रेंस हॉल, एडमिन आफिस, सिक्योरिटी रूम, आईटी वीडियो रूम, हेड ऑफ एनसीडीसी रूम एवं अन्य प्रशासनिक कार्यालय होंगे। पहली मंजिल पर सेंपल कलेक्शन एवं यूटीलिटी रूम, वेटिंग रूम, लॉबी के अलावा, क्लाइमेट चेंज रूम, ईओसी रूम, ट्रेनिंग रूम, आईडीएसपी, ईपीडीमिलॉजी स्टाफ रूम, पैंट्री एवं अन्य रूम होंगे। दूसरी मंजिल पर लैब व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें क्लाइमेट चेंज रूम, माक्रो लैब बैक्टीरयोलॉजी, एएमआर लैब, लैब टीचिंग एंड डेमो रूम, एएमआर आफिसर रूम, वीरोलॉजी, लॉबी एवं अन्य रूम होंगे। तीसरी मंजिल पर नॉन बीएसएल लैब एरिया, बीएसएल-2 लैब एरिया, स्टाफ कॉमन रूम, ओपन टैरेस, पैंट्री एवं अन्य रूम होंगे तथा पूरी बिल्डिंग में दो लिफ्टों का प्रावधान भी हैं।