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दीनानाथ आत्महत्या का मामला : एसपी ने एसआईटी का किया गठन, लेनदेन की पहले होगी जांच

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- वीडियो साक्ष्यों के साथ मृतक की पत्नी को बुलाया गया था थाने, नहीं पहुंचीं
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संवाद न्यूज एजेंसी,

मुलाना। दीनानाथ सुसाइड केस में एसपी अजीत सिंह शेखावत ने एसआईटी का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी डीएसपी बराड़ा सुरेश कुमार को दी गई है, जो साक्ष्यों की सत्यता के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाएंगे, इसके लिए डीएसपी ने वीरवार को जिम्मेदारी लेते हुए मुलाना थाना प्रभारी को दस्तावेजों के साथ पेश होने के निर्देश दिए हैं ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। वहीं मृतक दीनानाथ के किन-किन लोगों से लेनदेन था और घटना से पहले संपर्क रहा है इस पर पुलिस फोकस कर रही है। एसपी ने एसआईटी को जल्द जल्द मामले में खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुलाना थाना प्रभारी ने मृतक दीनानाथ की पत्नी को पूछताछ और वीडियो साक्ष्य देने के लिए वीरवार को थाने में बुलाया था। अभी तक वह थाने नहीं आईं। ऐसे में पुलिस दोबारा से पीड़ित तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
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एसआईटी इन कार्यों को करेगी सबसे पहले


- दीनानाथ सुसाइड मामले में एसआईटी सबसे पहले पीड़ित पक्ष से बात करेगी। उन्हें नोटिस देकर बुलाया जाएगा। अन्यथा उनके घर भी जाएंगे।

- पीड़ित के पास जो भी साक्ष्य हैं वह सभी लिए जाएंगे। जिसमें वीडियो, सुसाइड नोट व अन्य दस्तावेज प्रमुख रहेंगे।

- साक्ष्यों की सत्यता जानने के लिए भी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।

- आरोपी पक्ष को भी नोटिस भेजकर जांच के लिए बुलाया जाएगा।

- पिछले मामले जो दर्ज हुए हैं उनमें पता लगाया जाएगा कि वह रंजिशन थे या वास्तविक थे।

- सुसाइड करने वाले दीनानाथ की भूमिका की भी जांच की जाएगी। वह किस प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और उनका चरित्र कैसा था, किन-किन लोगाें से लेनदेन था।



मृतक दीनानाथ सुसाइड प्रकरण

करनाल के गढ़ी लबकरी गांव निवासी 40 वर्षीय दीनानाथ खेतीबाड़ी का काम करता था, लेकिन उसने खेती को ठेके पर दिया था। 11 अक्टूबर 2023 को उसके ट्यूबवेल पर कुछ लोग आए थे। इनमें ऋषिपाल भी शामिल था। उसकी मौत ट्यूबवेल पर संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। इस मामले में भी दीनानाथ को आरोपी बनाया गया था। दीनानाथ ने आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो में उन्होंने संबंधित व्यक्तियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट के आधार पर मुलाना थाने में करनाल सीआईए के तत्कालीन प्रभारी मोहन लाल सहित जांच अधिकारी मनोज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनके अलावा आशीष, अशोक पहलवान, बीरपाल, विरापाल,आशिस के दोनों मामा वा फूफा, गौरव, अजन, पवन, सूरज, नरेश, अशोक, अंग्रेज सैनी, प्रीत सहित दो महिलाओं को आरोपी बनाया गया है।
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मामले में एसआईटी का गठन कर दिया है। डीएसपी बराड़ा को जांच का जिम्मा सौंपा गया है, उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-अजीत सिंह शेखावत, एसपी, अंबाला
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